ब्राउन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी: टोनी ब्लेयर
ब्लेयर ने अपनी आत्मकथा 'ए जर्नी' में लिखा है कि ब्राउन ने उनसे कहा था कि वह पेंशन सुधारों की प्रक्रिया रोक दें अन्यथा वह (ब्राउन) सम्मान के लिए पैसे घोटाले के आरोपों के मामले में पार्टी की आंतरिक जांच की मांग करेंगे।
ब्लेयर ने अपनी 700 पन्नों की आत्मकथा में उनके 10 साल के शासन के दौरान गॉर्डन ब्राउन से खराब रिश्तों का खुलासा किया है। उन्होंने लिखा कि 15 मार्च 2006 को हुई ब्राउन के साथ हुई उनकी मुलाकात सबसे खराब थी, इस बैठक में पेंशन सुधार के मुद्दे पर दोनों एक-दूसरे से असहमत थे।
ब्राउन से हुई बातचीत का खुलासा करते हुए ब्लेयर ने कहा, "तत्कालीन वित्तमंत्री ने मुझसे कहा कि वह 'सम्मान के लिए पैसा' लिए जाने के आरोपों के मामले में लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्य समिति की जांच की मांग करने पर विचार कर रहे हैं। मैं इस जांच का विचार छोड़ सकता हूं यदि आप पेंशन सुधारों को रोक दें।"
किताब के विमोचन के समय ब्रिटिश समाचार पत्र 'द गार्जियन' को दिए साक्षात्कार में ब्लेयर ने कहा कि उनका यह मानना था कि प्रधानमंत्री के तौर पर ब्राउन एक आपदा साबित होंगे। उन्होंने कहा कि मेरा मानना था कि उनके प्रतिद्वंदी की सत्ता कायम नहीं रहेगी। ब्राउन के नेतृत्व में मई में पार्टी की हार हुई क्योंकि उनके कार्यकाल में लेबर पार्टी का विकास रुक गया था।
ब्लेयर ने चेतावनी दी, "लेबर पार्टी का संकट यह है कि हमारे समर्थन के स्रोत खत्म हो गए हैं। हमे आगे इससे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। हमें हार के कारणों को ईमानदारी और पूर्णता से स्वीकार करना पड़ेगा।"
ब्राउन से टकराव के अलावा ब्लेयर ने अपनी किताब में अपने राजनीतिक जीवन की अन्य घटनाओं का उल्लेख किया है। वर्ष 1994 में लेबर पार्टी के नेता चुने जाने से लेकर राजकुमारी डायना की मौत के तीन साल बाद प्रधानमंत्री बनने और उत्तरी आयरलैंड में शांति वार्ता, बोस्निया में युद्ध, कोसोवो और अफगानिस्तान जैसे कई मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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