प्रश्नकाल के समय की क्षति रोकने के लिए सुझावों का स्वागत: बंसल
संसद का मानसून सत्र संपन्न होने के एक दिन बाद बंसल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सदन की कार्रवाई में व्यवधान के कारण होने वाली देरी की क्षतिपूर्ति के लिए दोनों सदन देर तक चलाए जा सकते हैं लेकिन प्रश्न काल के समय की क्षति की भरपाई नहीं हो पाती।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने मंगलवार को कहा था कि प्रश्न काल के समय को सुबह 11 बजे के बदले दिन के अन्य समय में स्थानांतरित करना भी एक विकल्प है जिस पर सदस्य विचार कर सकते हैं।
बंसल ने कहा कि सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था ठीक है लेकिन वह पीठासीन अधिकारियों के सुझावों का स्वागत करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार कामना करती है कि प्रश्नकाल को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा अध्यक्ष के प्रयास सफल हों।
बंसल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा सरकार पर लगाए गए कमजोर सदन प्रबंधन के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख विपक्षी दल सदन में उसके सदन से बाहर के रुख से विपरीत रुख अपनाता है।
बंसल ने कहा, "वे अपने रुख से पलट जाते हैं। मैं यह निर्णय आप पर छोड़ना चाहता हूं कि क्या ऐसे में हमारा सदन प्रबंधन खराब है।"
उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सदन में हुए काम पर संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि लोकसभा में 21 विधेयक पारित हुए हैं और राज्यसभा में 24 विधेयक पारित हुए। इसके साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि कई विधेयकों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं में सहमति नहीं है।
उन्होंने कहा कि, "कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं हैं।"
कई सदस्यों के नकली संसद के अभिनय में शामिल होने के सवाल पर बंसल ने कहा, "यह संसदीय इतिहास की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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