आजाद 'असली' मुठभेड़ में मारा गया था : पुलिस प्रमुख
हैदराबाद, 28 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पुलिस प्रमुख आर.आर. गिरीश कुमार ने इस बात से इंकार किया कि नक्सली नेता आजाद को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया और बाद में इसे 'असली एवं उचित' मुठभेड़ बताया गया।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के आदेश पर निहित स्वार्थ वाले समूहों का एक धड़ा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा एफआईआर का गलत उद्धरण पेश करते हुए पुलिस पर झूठा और आधारहीन आरोप लगा रहा है।
पुलिस प्रमुख ने एक बयान में कहा, "पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा एफआईआर में कोई विरोधाभास नहीं है। नक्सल समर्थित नागरिक अधिकारवादी कार्यकर्ता पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत रूप में पेश कर रहे हैं। निश्चित तौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि गोलीबारी छिपकर की गई।"
उन्होंने कहा कि आदिलाबाद जिले के जंगल में एक और दो जुलाई के बीच की रात पुलिस तथा सशस्त्र नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें चेरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद एवं हेमचंद्र पाण्डेय उर्फ जितेंद्र मारे गए।
गिरीश कुमार ने कहा कि पुलिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पत्र में मिले दिशा-निर्देश का अनुसरण किया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य सबूतों की जांच सक्षम न्यायिक तथा अर्ध न्यायिक अधिकारियों द्वारा कराई जानी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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