सुमात्रा में ज्वालामुखी सक्रिय, इलाका खाली कराया गया
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार उत्तरी सुमात्रा प्रांत के कारो जिले का माउंट सिनाबंग ज्वालामुखी एकाएक सक्रिय हो गया और उसके क्रेटर से लावा और अन्य पदार्थ निकलने लगे।
जकार्ता से 1300 किलोमीटर पश्चिमोत्तर में स्थित इस 2451 मीटर ऊंची चोटी के धुएं और राख के बादल उगलना शुरू करने से चंद मिनट पहले सरकार के ज्वालामुखी के अध्ययन से संबंद्ध निदेशालय ने खतरे के उच्चतम स्तर की चेतावनी जारी की थी।
सरकारी समाचार एजेंसी अंतारा ने खबर दी है कि स्थानीय प्रशासन ने ट्रक, बस, एंबुलेंस आदि वाहनों की मदद से हजारों स्थानीय लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया। किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।
स्थानीय मीडिया ने खबर दी है कि लावा कई किलोमीटर की दूरी से भी दिखाई दे रहा है।
क्षेत्र में तैनात रेडक्रॉस के एक कर्मी मुहम्मद इरसाल ने बताया कि 17 समुदायों के 10,000 से ज्यादा लोगों को वहां से हटाया गया है। उन लोगों ने सरकारी इमारतों में पनाह ली है और तंबू भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गहरे धुएं की वजह से दृश्यता महज पांच मीटर तक रह गई है।
अब तक राख और धुएं की वजह से विमान सेवाएं बाधित नहीं हुई हैं। निदेशालय के प्रमुख सुरोनो ने बताया, "ज्वालामुखी फटने से पहले माउंट सिनाबंग ज्वालामुखी में कोई हलचल नहीं हुई। इसलिए 1600 के बाद से इस पर ज्यादा निगरानी नहीं रखी जा रही थी।"
उन्होंने बताया कि निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने के साथ-साथ उन्हें ज्वालामुखी की राख से बचने के लिए नकाब लगाने को भी कहा गया है। नदियों के किनारे रहने वालों को लावा की वजह से आने वाली बाढ़ की आशंका के प्रति भी सचेत कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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