उत्तराखण्ड में बारिश के बाद बीमारियों का भय

Rain
देहरादून। उत्तराखण्ड में इस साल हुई जबर्दस्त बारिश, जल भराव और भूस्खलन से पीड़ित जनता को अब बारिश के बाद होने वाली संक्रामक बीमारियों का भय सता रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने कमर कस ली है और बीमारियों से निपटने के लिए निदेशालय स्तर पर एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया है।

सरकार की ओर से कहा गया है कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने बारिश के बाद होने वाली बीमारियों (आई फ्लू, मलेरिया और डेंगू) से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है।

ज्ञात हो कि राज्य में पिछले 12 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। राज्य का जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य में जानमाल सहित फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्य मार्गो के साथ-साथ गांवों की सड़कों को भी भारी नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रयासों के बावजूद सूबे का बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है।

बारिश का कहर सितंबर तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले वर्ष सामान्य से 27 प्रतिशत वर्षा कम हुई थी। लेकिन सूबे में इस बार अब तक सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य में अभी तक कुल 1110़ 9 मिमी बारिश हुई है, जबकि इसकी सामान्य मात्रा 942़ 5 मिमी है।

बारिश के कारण राज्य में जगह-जगह भूस्खलन होने के बाद सड़कों में कटान के चलते कई बार गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ की यात्रा स्थगित रही। बारिश के चलते पर्यटकों की आवक में जहां जबर्दस्त कमी आई है, वहीं फसलें भी बरबाद हुई हैं।

स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव सुनील श्रीपांथरी ने बताया कि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बरसात बाद होने वाली संभावित बीमारियों से निपटने के लिए अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।

श्रीपांथरी ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव एन. एस. नपलच्याल ने हाल ही में स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक कर सभी मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दिया जाए।

श्रीपांथरी ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव की देखरेख में संभावित खतरों से निपटने के लिए पूरी तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने निदेशालय स्तर पर भी एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

उन्होंने बताया कि विस्थापित जगहों पर चिकित्सकों की टीम शिविर के माध्यम से नागरिकों का इलाज कर रही है। साथ ही उन्हें संभावित बीमारियों के प्रति जागरूक बना रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से संभावित बीमारियों से निपटने के लिए जगह-जगह डाक्टरों की टीम के अलावा जरूरी दवाईयों की भी व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि बरसात के बाद अक्सर बीमारियों का प्रकोप देखा जाता है। लेकिन सूबे का स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के पास है। लिहाजा लोगों को विभाग की सक्रियता की उम्मीद है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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