बाढ़ : उत्तर भारत में कहर जारी, कर्नाटक में अब तक 17 मरे (राउंडअप)

दिल्ली में यमुना के जलस्तर में वृद्धि जारी है। इस बीच पाकिस्तान की ओर से बाढ़ के पानी का रुख भारत की ओर मोड़े जाने से पंजाब के फिरोजपुर जिले के कई गांव प्रभावित हो गए हैं।

उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा जैसे कई राज्यों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को लगातार पार कर रहा है, जिस कारण इन राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है। बिहार के कुछ इलाकों से बाढ़ का पानी निकल रहा है तो कुछ नए इलाकों में पानी प्रवेश भी कर रहा है।

उधर, कर्नाटक के उत्तरी एवं मध्य जिलों में पिछले एक सप्ताह से जारी भारी बारिश के शनिवार को थमने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। भारी बारिश से राज्य में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति एवं फसलें नष्ट हो गई हैं।

राज्य के उत्तरी क्षेत्र बेल्लारी, रायचुर, गुलबर्गा, बिदर, धारवाड़, कोप्पल एवं हावेरी तथा मध्य भाग दावणगेरे और मलाड क्षेत्र का शिमोगा में भारी बारिश से नदियों तथा झीलों के उफनाने से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

जिलों के राजस्व अधिकारियों ने बताया कि बेल्लारी में चार लोगों की मौत हो गई, बिदर एवं गुलबर्गा में तीन-तीन, रायचुर में दो तथा धारवाड़, शिमोगा, तुमकुर, कोप्पल और हावेरी में एक-एक व्यक्ति की जान गई।

बिहार के पश्चिम चम्पारण, सुपौल, गोपालगंज, सहरसा, सीतामढ़ी, अररिया तथा दरभंगा में बाढ़ का तांडव जारी है। बाढ़ के कारण लौरिया-शिकारपुर-ठोरी मार्ग पर परिचालन ठप्प हो गया है।

इधर, पूर्वी चम्पारण जिले के सुगौली प्रखंड का सिकरहना रिंग बांध करीब 60 फुट ध्वस्त हो गया है जिस कारण बाढ़ का पानी कई नए इलाकों में प्रवेश कर गया है। गोपालगंज जिले में गंडक छह प्रखंडों में तबाही मचाए हुए है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 20 हजार से ज्यादा लोग अपने-अपने गांव को छोड़कर तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा, गोमती और यमुना जैसी नदियां ज्यादातर स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। घाघरा और राप्ती में पानी कुछ उतरने लगा है। फरु खाबाद, कन्नौज और औरैया में बड़ी तादाद में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। बस्ती, गोरखपुर, देवरिया आदि के भी बहुत से गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

आगरा में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है। शनिवार को आगरा और मथुरा जिलों के कई और गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। खतरे को देखते हुए प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (पीएसी) के जवानों को सतर्क कर दिया गया है और विशेष टीमें भेजी गई हैं।

उधर, हरियाणा से और पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में शनिवार को यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया। अधिकारियों इसके और बढ़ने की चेतावनी जारी की है। दिल्ली में बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "यमुना में शनिवार सुबह जलस्तर 1.14 मीटर बढ़कर 205.94 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है।"

इस बीच पाकिस्तान की ओर से बाढ़ के पानी का रुख भारत की ओर मोड़े जाने की वजह से सतलुज नदी में उफान आने से पंजाब में सीमावर्ती फिरोजपुर जिले के अनेक गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। शनिवार सुबह हजारों एकड़ भूमि डूब गई और छह से सात गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया।

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पाकिस्तान की ओर से सतलुज नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के मसले पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।

भाखड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण हरियाणा के सिरसा, यमुनानगर, कैथल और करनाल के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। इसक कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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