पेशावर गोलीबारी : अंतत: 10 घंटे बाद पकड़े गए आतंकी (लीड-4)

इस्लामाबाद, 28 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में शनिवार सुबह से ही अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के निकट जारी गोलीबारी के 10 घंटे से भी अधिक समय बीतने के बाद अंतत: सुरक्षा बलों ने आतंकियों को दबोच लिया।

आतंकी एक सरकारी इमारत में घुसे हुए थे और उन्होंने दो अधिकारियों को बंधक बना लिया था।

पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ), लियाकत अली ने इमारत के बाहर मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "मैं अब इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि इस घटना में शामिल कम से कम चार आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके द्वारा बंधक बनाए गए दोनों अधिकारी सुरक्षित हैं।"

लियाकत अली ने मीडियाकर्मियों को बताया, "ये दुर्दात आतंकी थे और यह घटना उस समय घटी, जब जांच कर्मी उन्हें एक परिसर से दूसरे परिसर में ले जा रहे थे।" उन्होंने कहा कि जवाबी गोलीबारी में एक गार्ड को मामूली चोट आई है और यह ऑपरेशन इसलिए लंबा खिंचा, क्योंकि सुरक्षा कर्मी बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराना चाहते थे।

ज्ञात हो कि पेशावर छावनी इलाके में स्थित अमेरिकी वाणिज्यदूतावास के पास एक इमारत में सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में कुछ संदिग्ध आतंकियों को रखा गया था। इन आतंकियों ने शनिवार सुबह छह बजे वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को दबोच लिया। सुरक्षा बलों द्वारा कबायली इलाकों से पकड़े गए कुछ आतंकियों को जांच के लिए इस इमारत में रखा गया था।

उसके बाद सशस्त्र बलों ने और पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और मीडियाकर्मियों सहित किसी को भी घटनास्थल पर पहुंचने से रोक दिया गया। पूरे इलाके में लड़ाकू हेलीकाप्टरों से निगरानी की जा रही थी। सेना और फ्रंटियर कार्प्स की अतिरिक्त टुकड़ी को ऑपरेशन में हिस्सा लेने के लिए बुला लिया गया था।

जिस इमारत में ऑपरेशन चल रहा था, वह अमेरिकी वाणिज्यदूतावास की इमारत के बगल में था। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता रिचर्ड स्नेलसिर ने कहा है कि वाणिज्य दूतावास के अधिकारी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, "हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं।"

इसके पहले 'इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' (आईएसपीआर) के निदेशक मेजर जनरल अतहर अब्बास ने शनिवार की दोपहर मीडिया को बताया था कि घटना के विषय में इस समय कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

उन्होंने कहा, "हम सिर्फ यह पुष्टि कर सकते हैं कि आतंकवादी अभी भी इमारत में हैं और उन्होंने दो जवानों को बंधक बना लिया है।"

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करीम खान ने कहा था कि आतंकवादियों का मकसद स्पष्ट नहीं है, क्योंकि उस इलाके में कई महत्वपूर्ण इमारतें हैं।

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के ठीक सामने ही खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के एक वरिष्ठ मंत्री बशीर बिल्लोर का घर है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आतंकी बाढ़ के कारण आई तबाही का लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हम उन्हें एक संदेश देना चाहते हैं कि वे कभी भी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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