उप्र में बाढ़ का प्रकोप, सैकडों गांव डूबे

उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से काफी पानी छोड़े जाने और नेपाली नदियों का जलस्तर बढ़ने से शारदा और घाघरा उफान पर हैं जिससे लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, सीतापुर, बस्ती और बाराबंकी जिलों के निचले इलाकों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। कुछ स्थानों पर गंगा, यमुना, सरयू और राप्ती का जलस्तर भी खतरे के निशान के निकट पहुंच गया है।

बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी (वित्त) देवेंद्र पांडे ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि रामनगर और सनावा तहसीलों के करीब 120 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

पांडे ने कहा कि पीएसी के जवान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के काम में जुटे हुए हैं। बुधवार शाम सनावा में 80 वर्षीय महिला की डूबकर मौत हो गई।

बहराइच में कैसरगंज और महसी तहसील के करीब 100 गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। आदमपुर-रेवली तटबंध पर लगातार हो रहे कटान से लोगों के बीच काफी दहशत बनी हुई है।

बहराइच के अपर जिलाधिकारी (वित्त) सुखलाल भारती ने संवाददाताओं को बताया कि जिले की सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावितों को नावों और मोटरबोटों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए पीएसी की एक कंपनी को लगाया गया है।

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, पीलीभीत, गोरखपुर, फैजाबाद जिलों में भी बाढ़ प्रभावितों को जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सीतापुर में बाढ़ से तीन लोगों की मौत होने की खबर है। प्रशासन ने हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी लखनऊ सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के तराई, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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