उत्तर भारत में कहीं बारिश तो कहीं सूखे जैसे हालात (लीड-1)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार सुबह से लेकर शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक 110 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
दिल्ली यातायात पुलिस के मुताबिक बारिश के कारण आईटीओ रिंग रोड, द्वारका, डीएनडी नोएडा फ्लाइओवर पर यातायात जाम हुआ। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा साकेत, राजघाट, पूसा रोड, रोहतक रोड और आश्रम चौक पर भी लंबा जाम लग गया। बारिश की वजह से आश्रम, मथुरा रोड, जंगपुरा आदि इलाकों में पानी भर गया। इन स्थानों पर लंबा जाम देखा गया। जाम से परेशान लोग जैसे-तैसे गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद करते देखे गए।
उधर, उत्तर प्रदेश में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है जिससे लखीमपुर खीरी, बहराइच, पीलीभीत, गोंडा और बाराबंकी जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। लखीमपुर खीरी में पलिया पुल पर शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 153.62 मीटर से 79 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
लखीमपुर खीरी के अपर जिलाधिकारी (वित्त) तुलसी राम ने आईएएनएस को बताया कि उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण शारदा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है।
बहराइच और बाराबंकी में घाघरा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बहराइच में रेवली आदमपुर तटबंध पर लगातार कटान जारी है। बहराइच के जिला आपदा अधिकारी वीरेंद्र पांडे ने आईएएनएस को बताया कि कौसरगंज और महसी तहसील में घाघरा नदी से सटे करीब 10 गांव कटान से प्रभावित हुए हैं।
बाराबंकी के सात गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है और सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ राहत के लिए पीएसी की मांग की गई है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश के उलट मध्य प्रदेश में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। पूरे राज्य में अब तक औसत से 18 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक एक जून से 19 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं हुई। राज्य के 50 में से 26 जिले ऐसे हैं जहां औसत से 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है जबकि पांच जिले ऐसे हैं जहां 50 फीसदी से भी कम बारिश हुई है। ये पांच जिले कटनी, पन्ना, रीवा, सतना और टीकमगढ़ हैं।
उधर बिहार की सीमा से सटे नेपाल में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी में आये उफान के बाद जल संसाधन विभाग सचेत हो गया है। लगातार तटबंधों की निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक कोसी नदी तटबंध के तीनों स्परों (तटबंधों की सुरक्षा के लिए बनाया जाता है) पर दबाव बना हुआ है। इनमें एक जहां नेपाल के प्रभाग में है वहीं दो बिहार के प्रभाग में हैं। नेपाल प्रभाग स्थित पूर्वी बांध के 25़ 57 किलोमीटर स्पर पर नदी का व्यापक दबाव है। इसके अलावा 16़ 64 किलोमीटर तथा 16़ 30 किलोमीटर पर स्थित स्पर पर भी दबाव बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को 11 बजे वीरपुर बैराज के पास कोसी का जलस्राव 2,18,735 क्यूसेक था, जबकि गुरुवार को यहां 2,65,255 क्यूसेक मापा गया था। जयपुर में शुक्रवार को बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश के बाद शहर के एक उपनगरीय इलाके में ढाबे की दीवार ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई तबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार शहर के उपनगरीय क्षेत्र कानोता के दयारामपुरा गांव में शुक्रवार सुबह एक ढाबे की दीवार गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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