छतरपुर जिले की नगर पालिका में ड्रेस कोड लागू
पिछले दिनों राजस्व मंडल ग्वालियर के प्रशासनिक सदस्य एस. पी. वर्धन ने सभी संभाग आयुक्तों और जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे कि भारतीय संस्कृति की रक्षा और बुनकरों की माली हालत सुधारने के लिए कर्मचारियों व अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन बुनकरों द्वारा तैयार किए गए कपड़ों से बने भारतीय परिधान पहनने की पहल करनी चाहिए।
प्रशासनिक सदस्य के पत्र में कहा गया है कि भारतीय परिधान का उपयोग कम हो गया है। इन परिधानों के कपड़े बुनकर तैयार करते हैं। जिसका असर सीधे तौर पर बुनकरों की माली हालत पर पड़ रहा है। लिहाजा भारतीय संस्कृति की हिफाजत और बुनकरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए इन परिधानों को सप्ताह में कम से कम एक दिन पहना जाना चाहिए।
छतरपुर के जिलाधिकारी ने इस पत्र का हवाला देकर हफ्ते में एक दिन धोती-कुर्ता, कुर्ता-पजामा और महिला कर्मचारियों को साड़ी पहनने का निर्देश दिया । इस निर्देश का छतरपुर नगर पालिका में अमल भी शुरू हो गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना सिंह ने अधिकारियों, कर्मचारियों व पार्षदों को हर गुरुवार को भारतीय परिधान पहनकर आने का निर्देश दिया है। नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी और पार्षद गुरुवार को धोती-कुर्ता और कंधे पर दुशाला डालकर कार्यालय पहुंचे। नए ड्रेस कोड लागू होने के बाद दफ्तर का नजारा बदला हुआ है।
सिंह का कहना है कि पहनावे का असर आचरण पर पड़ता है। इसलिए भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय परिधान को अपनाना बेहद जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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