शफकत की 4 भारतीय शहरों में संगीत यात्रा
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रख्यात शास्त्रीय संगीतकार उस्ताद अमानत अली खान के बेटे पाकिस्तानी गायक शफकत अमानत अली 'कभी अलविदा न कहना' फिल्म के लोकप्रिय गीत 'मितवा' में अभिनेता शाहरुख खान के लिए अपनी आवाज दे चुके हैं। वह भारत में 24 अगस्त से चार शहरों में अपनी संगीत यात्रा शुरू कर रहे हैं।
प्रसिद्ध बैंड 'फुजोन' के प्रमुख गायक शफकत दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरू में अपनी प्रस्तुति देंगे। उन्होंने 'कभी अलविदा न कहना' के गीत 'मितवा' से भारत में प्रसिद्धि हासिल की थी। वह 26 अगस्त को यहां अपना कार्यक्रम देंगे।
भारत व पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के मद्देनजर स्वयं सेवी संगठन 'रूट्स 2 रूट्स' और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) ने संयुक्त रूप से इन संगीत समारोहों का आयोजन किया है। शफकत को उनकी एलबम 'सागर' के 'आंखों के सागर', 'तेरे बिना' और खमाज ('मोरा सैयां') के लिए जाना जाता है।
फिल्मकार नागेश कुकनूर ने अपनी फिल्म 'हैदराबाद ब्लूज' में उनके गीतों 'मोरा सैयां' और 'तेरे बिना' का इस्तेमाल किया है। शफकत ने 'माई नेम इज खान' में भी शाहरुख के लिए गाया है।
शफकत ने फोन पर आईएएनएस को बताया, "मैं भारत में अपने वे सभी गीत गाऊंगा जो मैंने बॉलीवुड के लिए गाए हैं, मैं 'फूजोन' के गीत और लोक गीत भी गाऊंगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग मुझसे क्या सुनना चाहते हैं।"
शफकत संगीत के पटियाला घराने से ताल्लुक रखते हैं और उन्हें पूर्वी व पश्चिमी धुनों का फ्यूजन पसंद है।
वह कहते हैं कि उन्हें उनके दादा-दादी, पिता और अन्य नजदीकी रिश्तेदारों ने शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित किया है लेकिन जब वह पश्चिमी संगीत सुनते हैं तो उससे भी प्रभावित होते हैं और उनकी संगीत रचनाओं में यह प्रभाव स्पष्ट देखा जा सकता है।
शफकत ने हाल ही में 'आई हेट लव स्टोरीज', नागेश कुकनूर की नई फिल्म 'आशाएं', 'पटियाला हाउस', 'मुंबई कटिंग' और 'बैंकाक नाइट्स' में गीत गाए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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