जूडा की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
गौरतलब है कि भोपाल में पुलिस वैन से कुचलकर मारे गए दो चिकित्सा छात्रों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के सभी पांच भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर व रीवा चिकित्सा महाविद्यालयों के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।
प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया ने भेापाल के जूडा को बुधवार को आश्वासन देकर काम पर वापस लौटने के लिए राजी कर लिया था।
भेापाल के जूडा जहां काम पर लौट आए है वहीं शेष चार चिकित्सा महाविद्यालयों के जूडा अब भी हड़ताल पर बने हुए हैं। इस हड़ताल से संबंधित अस्पतालों मे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह गड़बड़ा गई हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग जूडा की हड़ताल को अवैध करार देते हुए अत्यावश्यक सेवा प्रतिरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर चुका है और जूडा को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके बावजूद जूडा काम पर लौटने के लिए तैयार नहीं है।
जूडा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया है कि वे अपनी मांगे पूरी न होने तक हड़ताल पर बने रहेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया ने शुक्रवार की रात को चर्चा के लिए उन्हें भोपाल बुलाया है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे मान ली जाती है तो वे काम पर लौट आएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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