सशस्त्र बलों के विशेषाधिकार में बदलाव परामर्श के बाद : चिदंबरम
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि अशांत क्षेत्रों में सशस्त्र बलों के विशेषाधिकार में बदलाव लाने संबंधी उनके मंत्रालय के प्रस्ताव को परामर्श के बाद अमल में लाया जाएगा।
चिदंबरम ने कहा, "सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम (एएफएसपीए) में संशोधन से पहले हम सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श करेंगे।" उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने इसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने बताया कि एएफएसपीए के तहत सशस्त्र बलों को आतंक निरोधी अभियान के दौरान दोहरी क्षति के समय प्रतिरक्षा का कानूनी अधिकार का प्राप्त है। यह जम्मू एवं कश्मीर तथा पूर्वोत्तर के हिस्सों में लागू है।
चिदंबरम लोकसभा में मणिपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर आर्थिक गतिरोध के संबंध में बोल रहे थे।
कुछ नागा संगठनोंे द्वारा मणिपुर के बंटवारे की मांग को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सरकार संविधान के तहत नागाओं की 'प्रतिष्ठा, गरिमा एवं समान अधिकारों' को सुनिश्चित करेगी।
अगस्त के पहले सप्ताह से दोबारा सड़क जाम किए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार 'मणिपुर के सभी भागों में आवश्यक वस्तुएं पयार्प्त मात्रा में उपलब्ध कराने का हर संभव उपाय' कर रही है।
चिदंबरम ने कहा कि सरकार स्थिति पर दैनिक आधार पर नजर रख रही है तथा मणिपुर में अनाज एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त भंडारण के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
उल्लेखनीय है कि नागा विद्रोहियों ने मणिपुर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 39 एवं 53 को दूसरी बार बंद कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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