भारतीय अधिकारी पर आरोप लगाने वाले माओवादी सांसद का इस्तीफा
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय दूतावास के एक अधिकारी पर डराने-धमकाने का आरोप लगाने के बाद हंगामा खड़ा कर चुके एक माआवादी सांसद ने इस्तीफा दे दिया है और उनकी पूर्व पार्टी ने भी उन्हें निष्कासित करने की धमकी दी है।
दक्षिणी तराई के मैदानों के राजनेता राम कुमार शर्मा ने इस महीने की शुरुआत में उस वक्त तूफान खड़ा कर दिया था जब उन्होंने मीडिया में जाकर आरोप लगाया था कि भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने उन्हें प्रधानमंत्री चुनाव के दौरान माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल प्रचंड का समर्थन करने के लिए धमकाया था।
दूतावास ने आरोपों को नकारा है और साथ ही माओवादियों की उस अधिकारी को वापस बुलाए जाने की मांग को खारिज कर दिया है।
शर्मा 2008 में तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी की ओर से संसद के लिए चुने गए थे।
वैसे उन्होंने एक साल पहले माओवादियों के साथ शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी थी। तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी एक समय संसद में पांचवी सबसे बड़ी पार्टी थी और चुनावों के बाद माओवादियों की पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी।
शर्मा के आरोपों के बाद वह सुर्खियों में तो छा गए लेकिन इससे नेपाल के विदेश मंत्रालय को एक जांच भी शुरू करनी पड़ी। तराई पार्टी ने उन्हें निशाना बना लिया और उनसे पूछा कि उन्होंने माओवादियों का साथ क्यों दिया।
इसके बाद तराई पार्टी के उन्हें निष्कासित करने की संभावना थी लेकिन शर्मा ने पहले ही बुधवार को सांसद के बतौर अपना इस्तीफा दे दिया।
अब नेपाल की 601 सीटों वाली संसद में दो सांसद कम हैं।
शर्मा ने जहां इस्तीफा दे दिया है वहीं एक वरिष्ठ माओवादी सांसद राम कुमारी यादव का पिछले सप्ताह एक घरेलू दुर्घटना के दौरान दिमाग में चोट आने से निधन हो गया था।
अब निर्वाचन आयोग छह महीने के अंदर दोनों सीटों पर चुनाव कराएगा। शर्मा ने दावा किया है कि वह दोबारा चुनाव लड़ेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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