नरेगा मजदूर बना चीनी नागरिकों का जमानती
मीडियाकर्मियों के सामने दस्तावेज जारी करते हुए मुहम्मद अकबर ने कहा, "नरेगा योजना के तहत रोजाना 100 रुपये दिहाड़ी कमाने वाला कोरबा जिले की कटघोड़ा तहसील का जनजातीय व्यक्ति इंद्र भवन सिंह (52 वर्ष) किसी के बहकावे या दबाव में आकर ऐसे तीन चीनी नागरिकों का जमानती बन गया है जिनको वह जानता ही नहीं।"
अकबर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने का आग्रह किया है।
पिछले वर्ष 23 सितम्बर को बाल्को बिजली संयंत्र की निर्माणाधीन चिमनी ढहने की घटना में भूमिका के लिए चिमनी बना रही एक चीनी कंपनी के तीन कर्मचारियों वू चुनान, लियु गाओजुआन और वांग वेइक्विं ग को छत्तीसगढ़ की पुलिस ने जनवरी में गिरफ्तार किया था। इस दुर्घटना में 41 श्रमिकों की मौत हुई थी।
बाल्को पर वेदांत रिसोर्सिज का नियंत्रण है और इसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी भारत सरकार के पास है। बाल्को ने एक चीनी कंपनी शेनदांग इलेक्ट्रिक पॉवर कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एसईपीसीओ) को कोरबा में 600 मेगावॉट के दो बिजली संयंत्रों के निर्माण का ठेका दिया था।
चीनी नागरिकों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 324 और 34 के अंतर्गत आरोपी बनाया गया था। कोरबा की स्थानीय अदालत और बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय में आवेदन किया और उनको जमानत मिल गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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