उमर सशस्त्र बलों के विशेषाधिकार को निरस्त करने के पक्ष में
यह पहला मौका है जब उमर ने इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दिया है। इससे पहले राज्य में इस मुद्दे पर गर्मागर्म बहस होती रही है।
कश्मीर घाटी के लोगों का कहना है कि सुरक्षा बलों को मिला विशेषाधिकार राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुख्य कारण है।
उमर अब्दुल्ला का बयान तब आया है जब प्रदर्शकारियों एवं सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के कारण 11 जून से अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है।
अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार कानून में संशोधन की जरूरत भी महसूस करती है, ताकि असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।
साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार उन इलाकों का पहचान करने का प्रयास कर रही है जहां हिंसक घटनाएं कम हुई हैं और वहां से सैन्य बलों का हटाया जा सकता है। ऐसा घाटी और जम्मू, दोनों क्षेत्रों में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "हम इस मसले पर केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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