मप्र में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर
प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर व रीवा में लगभग 1400 जूनियर डॉक्टर और लगभग 2000 चिकित्सा छात्र हैं। चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पताल पूरी तरह जूनियर डॉक्टरों की सेवाओं पर निर्भर हैं। इनके हड़ताल पर जाने से इन सभी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह लड़खड़ा गई हैं और मरीज परेशान हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को भेापाल में पुलिस वाहन से कुचलकर सात लोगों की मौत हुई थी जिसमें चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र भी थे। उसी दिन से चिकित्सा छात्र मृतकों के परिजनों को अतिरिक्त मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे।
सोमवार को जूनियर डॉक्टरों की बैठक में मंगलवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया था। इनकी मांग है कि मृतक साथियों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, हादसे की न्यायिक जांच हो, चिकित्सा छात्रों का कम से कम पांच लाख रुपये का बीमा कराया जाए, छात्रावास व अस्पतालों में सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, हमीदिया व सुल्तानिया चिकित्सालय के द्वार पर चेकपोस्ट बने।
जूनियर डॉक्टर संघ के अध्यक्ष विक्रम भूरिया का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार से संपर्क किया था मगर सफलता न मिलने पर उन्हें हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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