नक्सल प्रभावित इलाकों में ज्यादातर सरकार के साथ
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। जहां सरकार की नजर में नक्सली खतरा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है, वहीं 36 नक्सल प्रभावित जिलों पर केंद्रित एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि इन जिलों में आबादी का बड़ा हिस्सा सरकार के साथ है।
सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज की ओर से सीएनएन-आईबीएन के सहयोग से किए गए एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में 49 प्रतिशत आबादी सरकार के साथ है। नक्सलियों का समर्थन करने वालों की संख्या मात्र पांच प्रतिशत है। जबकि 34 प्रतिशत लोग किसी के पक्ष में नहीं हैं।
अध्ययन में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, महाराष्ट्र, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के उन 36 नक्सल प्रभावित जिलों को शामिल किया गया, जो योजना आयोग द्वारा पहचाने गए जिलों की सूची में शामिल हैं।
सुरक्षा के बारे में पूछे गए सवाल पर जहां 50 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बहुत सुरक्षित महसूस किया है, वहीं 34 प्रतिशत ने कुछ हद तक सुरक्षित महसूस किया है और केवल 10 प्रतिशत लोगों ने बहुत असुरक्षित महसूस किया है।
इन जिलों में नक्सलियों पर सरकारी नियंत्रण से संबंधित सवाल पर जहां 49 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इलाके में सरकार का पूर्ण नियंत्रण है, वहीं मात्र दो प्रतिशत लोगों ने कहा कि इलाकों पर नक्सलियों का नियंत्रण है।
नक्सलवाद के पीछे के कारणों पर 55 प्रतिशत ने कोई राय नहीं जाहिर की। वहीं 32 प्रतिशत लोगों ने विकास के अभाव को कारण बताया और 13 प्रतिशत ने गैरबराबरी को नक्सलवाद का कारण बताया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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