'31 अगस्त तक सभी विवरण उपलब्ध कराए ब्लैकबेरी'
नई दिल्ली। भारत सरकार ने गुरुवार को ब्लैकबेरी को 31 अगस्त तक की मोहलत दी है। ब्लैकबरी फोन निर्माता कनाडाई कंपनी रिसर्च इन मोशन (रिम) को परिवर्तित भाषा में संदेश प्रसारित करने वाली अपनी सेवाओं की विषय वस्तु की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित कर दी है।
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सरकार ने कहा है कि ब्लैकबेरी को अपने सारे विवरण अन्य टेलीकॉम कंपनियों की ही तरह उपलब्ध कराने होंगे। गृहसचिव जीके पिल्लै की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद गृहमंत्रालय ने कहा "यदि 31 अगस्त तक कंपनी ने तकनीकी विकल्प उपलब्ध नहीं कराए तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और कंपनी की उन दो सेवाओं को प्रतिबंधित करने के कदम उठाएगी जो परिवर्तित भाषा में संदेश प्रसारित करती हैं।"
गृहमंत्रालय का यह बयान रिसर्च इन मोशन के अधिकारियों के एक दल की गृहमंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात के कुछ देर बाद आया है।
आरआईएम के उपाध्यक्ष रॉबर्ट क्रो से मुलाकात के बाद चिदंबरम ने कहा, "यह केवल एक शिष्टाचार भेंट थी।" वहीं दूसरी ओर गृह सचिव जीके पिल्लै की अध्यक्षता में हुई एक अन्य बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो, दूरसंचार विभाग, राष्ट्रीय तकनीकी शोध संस्थान और गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "आरआईएम की ओर से किसी तरह का सहयोग नहीं किया गया है। वह एक बात को घुमा फिरा रहे हैं इसलिए हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। देश की सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।"
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका इरादा ब्लैकबेरी की निजी संदेशों वाली सेवाओं की निजता भंग करने का नहीं है बल्कि वह इन सेवाओं का दुरुपयोग रोकना चाहती है। सरकार सुनिश्चित करना चाहती है कि इनका उपयोग आतंकवादी और उग्रवादी न करें।












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