भारत देश हमारा, जान से प्यारा है...
भगवान शिव के पावन महीने सावन और साथ में रमजान पाक ने इस बार स्वतंत्रता दिवस में अलग ही रस घोल दिया है। देश के अर कोने से एकता और अखंडता की खुश्बू आ रही है। राजधानी दिल्ली के लाल किले से लेकर लखनऊ के विधान भवन तक सभी इमारतें रौशनी में नहा चुकी हैं। स्कूलों में समारोह की लहर सी चल पड़ी है, हर तरफ एक ही नारा गूंज रहा है- भारत देश हमारा, जान से प्यारा है...
क्यों खास है ये दिन
विकास के पथ पर अग्रसर भारत दो दिन बाद अपनी आज़ादी की 64वीं वर्षगांठ मनाएगा। 15 अगस्त का दिन हमारे लिए सिर्फ इसलिए खास नहीं है, कि हमें इस दिन आज़ादी मिली थी, हम इस दिन आत्मनिर्भर बने थे, इस दिन हमारे देश को अलग पहचान मिली थी, बल्कि इसलिए खास है कि यह दिन हमें अपने कर्तव्य याद दिलाता है। इस दिन के आयोजनों को हम महज लड्डू और मिठाई तक सीमित नहीं रख सकते। यह दिन हमें हमारे कर्तव्य याद दिलाता है।
देश के लिए संकल्प
सही मायने में जिस प्रकार नव वर्ष पर हर साल हम एक रिज़ॉल्यूशन यानी संकल्प लेते हैं, कि हम ये करेंगे हम वो करेंगे, क्यों न हम 15 अगस्त के दिन भी एक संकल्प लें। हम अपने मन में सोचें कि हम एक प्राणी के रूप में अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं। सरहद पर लड़ना ही देश की सेवा नहीं है। यदि आप भ्रष्टाचार, अपराध, भुखमरी, अशिक्षा, कुपोषण, गरीबी, आदि को थोड़ा स भी खत्म करने के प्रयास करें तो कितना अच्छा लगेगा। हमें पता है कि इन सबको खत्म करना किसी एक के बस की बात नहीं, लेकिन छोटे-छोटे प्रयास हमारी व्यवस्था को बदल सकते हैं।
एक संकल्प हमारा खुद का
इतिहास के पन्ने उठाकर देखिए, आपको अंग्रेजों की कई बातें अच्छी भी लगेंगी। वे पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे और उनकी प्लानिंग का ही नतीजा है, कि उनके द्वारा बसाए गए सभी शहर आज मेट्रो शहरों में परिवर्तित हो चुके हैं। उनका एक गुर यदि हम अपने ऊपर लागू कर लें, तो हमारे देश में आने वाला हर विदेशी मेहमान तारीफों के पुलिंदे लेकर जाएगा। वो है सफाई का। यदि प्रत्येक व्यक्ति सड़कों, कार्यालयों, स्कूलों, सरकारी व निजी इमारतों, आदि की सफाई रखने में योगदान दे, तो गंदगी नज़र तक नहीं आएगी। आप सोच रहे होंगे कि स्वतंत्रता दिवस का सफाई से क्या ताल्लुक। लेकिन ताल्लुक है, वो भी बहुत गहरा। हमारे देश को आज़ाद कराने वाले महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, राम प्रसाद बिसमिल, जैसे हजारों लोग जहां भी होंगे हमें देख रहे होंगे। क्या उनकी आत्मा को गंदगी अच्छी लगती होगी? जवाब 'नहीं' ही है।
इस साल आपका संकल्प यदि आपके जीवन को बदलने में कारगर साबित हो, तो अगले साल एक नए संकल्प के साथ इस महापर्व को मनाइयेगा। फिलहाल देश में तिरंगे की लहर दौड़ रही है। उस लहर का हिस्सा बनिए और देखिए, एक अलग सी अनुभूति होगी आपको।
दैट्स हिन्दी की ओर से सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। जय हिन्द, जय भारत।












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