रात की रेलगाड़ियां रुकने से परेशानी
ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के 28 मई के हादसे के बाद से दक्षिण पूर्वी रेलवे ने खड़गपुर-राउरकेला, खड़गपुर-आद्रा और चक्रधरपुर रेलवे खंडों में रात में रेलगाड़ियों का संचालन रोक दिया है।
चक्रधरपुर रेलवे खंड के वाणिज्यिक प्रबंधक गोपाल जीवन बनर्जी ने आईएएनएस से टेलीफोन पर कहा, "रोजाना रात 10 बजे से सुबह 5 पांच बजे के बीच रेलगाड़ियों को रोक दिया जाता है। यहां तक कि जिन रेलगाड़ियों के समय का दोबारा निर्धारण नहीं किया गया है, अगर वे शाम को अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं तो उन्हें संबंधित रेलवे स्टेशनों पर रोक दिया जाता है।"
गीतांजलि एक्सप्रेस, आजाद हिंद एक्सप्रेस, बांबे मेल और उत्कल एक्सप्रेस सहित आठ रेलगाड़ियों का समय दोबारा निर्धारित किया गया है।
रेल अधिकारियों का कहना है कि जब तक पर्याप्त सुरक्षा नहीं होती रेलगाड़ियों को रात में नहीं चलाया जा सकता।
धनबाद रेलवे खंड के एक अधिकारी ने कहा, "हम यात्रियों की जिंदगी को खतरे में नहीं डाल सकते।"
सात प्रमुख रेलगाड़ियों सहित आधा दर्जन से ज्यादा रेलगाड़ियां रात में टाटानगर (जमशेदपुर) और अन्य रेलवे स्टेशनों पर खड़ी रहती हैं।
आए दिन यात्रा करने वाले दीपक कुमार कहते हैं, "रेलगाड़ियों के समय में बदलाव से हमारी दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई बार हमें बेकार में पूरी रात रेलगाड़ी में गुजारनी पड़ती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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