म्यांमार सीमा पर बाड़ लगे : अरुणाचल के गृह मंत्री
अगरतला, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश ने देश के पूर्वोत्तर राज्यों के अलगाववादी विद्रोहियों और अन्य संगठनों की गतिविधियों को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर केंद्र सरकार से बाड़ लगाने का आग्रह किया है।
राज्य के गृह मंत्री ताको दाबी ने अगरतला में संवाददाताओं को बताया, "पूर्वोत्तर के विभिन्न आतंकवादी संगठन अरुणाचल प्रदेश के जंगलों का प्रयोग अपने हित में कर रहे हैं। इन जंगलों का इस्तेमाल म्यांमार और चीन जाने के लिए किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "राज्य के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र 83,743 वर्ग किलोमीटर में होने की वजह से अलगाववादी विद्रोहियों और पूर्वोत्तर के राज्यों के संगठनों को नियंत्रित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के पश्चिम में भूटान से सटी 160 किलोमीटर, उत्तर में चीन से सटी 1,080 किलोमीटर और पूर्व में म्यांमार से सटी 440 किलोमीटर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा है।"
देश के चार पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम की म्यामार के साथ 1,640 किलोमीटर की लंबी साझा सीमा है। इतने बड़े क्षेत्र में सीमा पार से होने वाले किसी भी गतिविधि से निपटने के लिए असम राइफल्स के जवान घने जंगलों में तैनात रहते हैं।
गृह मंत्री दाबी के मुताबिक यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा), नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ ही इसाक-मुइवा गुट व अन्य संगठन भी राज्य के जंगलों में अपने शिविर बना रहे हैं।
दाबी ने यह भी कहा कि क्षेत्र के आर्थिक पिछड़ेपन की समस्या से निपटने के लिए सभी पूवरेत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और नेताओं को संयुक्त रूप से केंद्र के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के सामने सुरक्षा, आर्थिक , स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे के विकास जैसी एक ही समस्या है जिसे मिल बैठकर हल किया जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications