अब बाइक पर उत्तराखण्ड की सैर कर सकेंगे सैलानी
राज्य के परिवहन मंत्रालय के अपर सचिव विनोद शर्मा ने उक्त योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस अनूठी योजना के लागू होने से सूबे में न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह योजना हफ्ते-दस दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी।
शर्मा ने बताया कि सूबे में पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटे मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इस योजना में रुचि दिखाई है और इसे जल्द से जल्द अमल में लाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कंपनी या एजेंसी, जिसके पास पांच से ज्यादा बाइक हों, को राज्य का परिवहन विभाग लाइसेंस देगा, जिसके बाद वह कंपनी या एजेंसी सैलानियों को किराए पर बाइक मुहैया कराएगी।
शर्मा ने बताया कि लाइसेंस देने से पूर्व परिवहन विभाग बाइक की पूरी फिटनेस की जांच करेगा, उसके बाद ही ऑपरेटर को लाइसेंस जारी होगा। साथ ही उन्होंने बताया कि सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एजेंसी के अलावा उक्त सैलानी की भी होगी, जो बाइक किराए पर लेगा।
शर्मा ने बताया कि विदेशों के अलावा अपने देश में भी यह योजना सफल है, इसलिए मोटरसाइकिल किराए पर लेने के लिए भारी रकम जमा करने के बदले पर्यटकों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट, एजेंसी के पास जमा करना पड़ेगा। उसके बाद एजेंसी उन्हें किराए पर बाइक उपलब्ध कराएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि एजेंसी बाइक उसी शर्त पर सैलानी को किराए पर देगी, जबकि सैलानी के पास ड्राइविंग लाइसेंस हो।
गौरतलब है कि हिमालय की वादियों में बाइक की सवारी करते हुए मनोरम दृश्यों का मजा ही कुछ और होता है। स्थानीय नागरिक तो बाइक पर सफर कर अपनी हसरत पूरी कर लेते हैं, लेकिन बाहर से आने वाले पर्यटकों की यह हसरत दिल में दबकर रह जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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