लेह में मृतकों की संख्या 145 हुई, कारगिल में बादल फटा (लीड-1)
एक रात के विश्राम के बाद सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 6,000 जवानों सहित हजारों बचावकर्मियों ने सोमवार को लेह कस्बे में फिर राहत कार्य शुरू किया।
पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर) फारूक अहमद ने आईएएनएस को बताया, "अब तक 145 शव बरामद किए गए हैं उनमें से 16 की पहचान नहीं हो पाई है।"
उन्होंने कहा कि पहचाने गए 129 मृतकों में कोई विदेशी नहीं है। एक स्पेनी पर्यटक अभी तक लापता है और एक अन्य का इलाज लेह के अस्पताल में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि 200 लापता लोग सोमवार को सुरक्षित वापस लौट आए। अन्य 200 लोग अब भी लापता हैं।
अहमद ने कहा कि लेह में फंसे 1,200 विदेशी पर्यटकों को एयर इंडिया और अन्य विमानन कंपनियों की उड़ानों से बाहर निकाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लद्दाख क्षेत्र की जांस्कर घाटी में फंसे कुछ विदेशी पर्यटकों को निकालने के लिए सोमवार को हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया।
बहरहाल कारगिल क्षेत्र में बादल फटने की एक अन्य घटना से वहां के घरों, कार्यालयों और होटलों को भारी क्षति हुई है लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सेना और स्थानीय प्रशासन की मदद से तैयार अस्थाई अस्पतालों में 400 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है।
फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए एयर इंडिया की चार उड़ानें रविवार को लेह पहुंचीं। वायुसेना ने भी राहत सामग्री के साथ और विमानों को लेह भेजा है।
सियाचिन ग्लेशियर के आधार शिविर के समीप तैनात कम से कम 20 सैनिक अब तक लापता हैं। जम्मू में सेना के सूत्रों ने इनके मारे जाने की आशंका जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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