दलाई लामा को 'गोल्डन सील' सम्मान
तिब्बत की निर्वासित संसद के प्रवक्ता पेंपा सेरिंग ने आईएएनएस को बताया, "यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा दिन होगा और हम इसे बाइलाकुप्पी (कर्नाटक) में बड़े स्तर पर मनाएंगे। हम दलाई लामा द्वारा वर्षो से की जा रही नि:स्वार्थ सेवा के लिए उनका सम्मान करेंगे और उन्हें एक गोल्डन सील देंगे।"
मैसूर के नजदीक बाइलाकुप्पी में दो सितंबर को आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में दलाई लामा को गोल्डन सील भेंट की जाएगी।
हजारों तिब्बतियों के साथ भारत में रह रहे दलाई लामा पिछले पांच दशक से यहां हैं। जब चीन की सेना ने 1959 में तिब्बत में प्रवेश कर लहासा शहर पर कब्जा कर लिया था तभी से तिब्बती लोग यहां रह रहे हैं।
वर्ष 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त कर चुके दलाई लामा और तिब्बत की निर्वासित सरकार हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी शहर धर्मशाला में रह रहे हैं।
सम्मान समारोह की तैयारियों का जिक्र करते हुए सेरिंग ने कहा, "यह समारोह लगभग आधे दिन तक चलेगा। सामान्य प्रार्थनाओं के अलावा वहां अन्य कार्यक्रम और वक्तव्य होंगे। हमने समारोह में हिस्सा लेने के लिए 10-12 देशों के करीब 20 सांसदों को आमंत्रित किया है। हमें इस एतिहासिक समारोह में शामिल होने के लिए दुनियाभर से करीब 25,000 लोगों के आने की उम्मीद है।"
तिब्बती लोग अगले महीने भारत में उनकी लोकतांत्रिक परंपरा के 50 साल पूरे होने के अवसर पर यह समारोह मनाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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