मॉस्को में दमघोंटू स्मोग

धुँध और धुँआ मॉस्को की सड़कों और गलियों में पसरता जा रहा है, यहाँ तक कि यह भूमिगत रेल के रास्ते में भी प्रवेश कर गया है. बहुत से लोग घरों के भीतर भी मास्क पहने हुए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि मॉस्को की हवा में कार्बनडाय ऑक्साइड गैस की मात्रा सामान्य से तीन गुना अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस धुँए को श्वांस के साथ भीतर लेना एक दिन में कई पैकेट सिगरेट पीने जैसा है.
रिपोर्ट्स बताती हैं कि मॉस्को में जुलाई महीने में मृत्युदर में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई है. जबकि जंगलों में लगी आग की वजह से मौत का राष्ट्रीय आंकड़ा 52 तक पहुँच चुका है. शुक्रवार तक मिली जानकारी के अनुसार मध्य रूस में कोई 560 जगह आग लगी हुई थी.
इनमें से 39 जगह आग जंगलों में उन जगहों पर लगी हैं जहाँ पत्तों आदि के नम अवशेष पड़े हुए हैं. इनमें से 27 मॉस्को के क्षेत्र में है और इसी की वजह से राजधानी में दमघोंटू धुँआ पसरता जा रहा है.
मॉस्को में दिन का तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास है और इसके आगामी कुछ दिन बने रहने के आसार हैं. शहर में स्मोग पिछले एक हफ़्ते से है और यह धीरे-धीरे छँट रहा था लेकिन शुक्रवार को एकाएक स्थिति बिगड़ गई.
इसकी वजह से मॉस्को के दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है. एक एयरपोर्ट पर विज़िबिलिटी यानी दृश्यता 300 मीटर थी जबकि दूसरे में 400 मीटर.
इस आग की वजह से 2000 मकान जलकर नष्ट हो गए हैं. आग और सूखे की वजह से रूस ने 15 अगस्त से 31 दिसंबर तक अनाज का निर्यात बंद करने की घोषणा की है क्योंकि इसकी वजह से 20 प्रतिशत अनाज नष्ट हो गया है.












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