लेह में बादल फटने से मरने वालों की संख्या 115 के पार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद चिकित्सकीय दल के साथ शनिवार को जम्मू एवं कश्मीर में लेह क्षेत्र के दौरे पर जाएंगे। भारत-चीन सीमा के नजदीक तैनात भारतीय सेना के एक दल के 33 जवान लापता बताए जा रहे हैं।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्ष फारुख अहमद ने बताया, "अभी तक लेह हादसे में 115 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। करीब 340 लोग घायल हुए हैं। लेह के अस्पताल में इनका इलाज किया जा रहा है।"उन्होंने बताया कि मरने वालों में पुलिस के चार जवान भी शामिल हैं। कस्बे में बचाव कार्य के दौरान इनकी मौत हो गई। वहीं बचाव कार्य में शामिल एक उप-निरीक्षक भी लापता है।
अहमद ने कहा कि करीब 2,000 प्रभावित लोगों के लिए लेह कस्बे और चोगलमसार गांव में रहने की व्यवस्था की गई है। यहां उन्हें मुफ्त खाना उपलब्ध कराया गया है। बचाव और राहत कार्य में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सेना के करीब 6,000 जवान तैनात किए गए हैं। प्रभावित इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लेह कस्बे में बादल फटने के कारण मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की घोषणा की। इस घटना में एक पॉलीटेक्निक कॉलेज, भारत संचार निगम लिमिटेड का मुख्यालय, ऑल इंडिया रेडियो केंद्र और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के शिविर सहित कई सरकारी कार्यालय और इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लेह हवाई अड्डे के रनवे पर पानी भर गया है और वहां सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है। बीएसएनएल मुख्यालय के तबाह होने से कस्बे में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है और श्रीनगर से लेह के अधिकारियों से संपर्क करने में कठिनाई हो रही है। उधर, लेह हवाईअड्डे पर पानी भरने के कारण वायु सेना ने शुक्रवार को चण्डीगढ़ से लद्दाख की उड़ानों को रद्द कर दिया।













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