कश्मीर के लोगों का दिल जीतना महत्वपूर्ण : चिदंबरम (लीड-1)
चिदंबरम ने कहा कि यदि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता, सैय्यद अली शाह गिलानी वार्ता में शामिल होते हैं तो सरकार 'बहुत खुश' होगी।
चिदंबरम ने इसके पहले कहा था कि राज्य में हिंसा का यह दौर सीमा पार के तत्वों द्वारा भड़काया गया है। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि उम्मीद है अगले सप्ताह राज्य का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। साथ ही सरकार घाटी के हालात पर चर्चा के लिए संसद में सभी राजनीतिक दलों की जल्द ही एक बैठक बुलाएगी।
चिदंबरम ने कहा कि सरकार 'बंद पड़ी बातचीत' को दोबारा शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बातचीत दिसंबर महीने में हुर्रियत कांफ्रेंस के एक नेता पर हुए हमले के बाद बाधित हो गई थी।
उन्होंने आशा जताई कि नरमपंथी अलगाववादी नेता दोबारा बातचीत में शामिल होंगे। चिदंबरम ने कहा, "यदि गिलानी (सैय्यद अली शाह गिलानी) भी बातचीत में शामिल होते हैं तो मुझे बहुत खुशी होगी।"
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करके प्रधानमंत्री को खुशी होगी। सोमवार तक इस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात की उम्मीद है।
चिदंबरम ने कहा, "तात्कालिक प्राथमिकता कानून एवं व्यवस्था की बहाली है.. हमें जम्मू एवं कश्मीर की गलियों में जारी हिंसा को हर हाल में खत्म करना है।" उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल बहुत ही संयम से काम ले रहे हैं।
पिछले सात दिनों के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी से कश्मीर में 31 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। इस तरह 11 जून से शुरू हुई हिंसा में अब तक 48 लोग मारे जा चुके हैं।
चिदंबरम ने यह भी कहा कि यह सच है कि पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
चिदंबरम ने कहा, "मैं नहीं समझता कि घुसपैठ बंद हुई है, लेकिन घुसपैठ और आतंकवाद से निपटने की हमारी क्षमता कुछ वर्षो में काफी बढ़ी है।" चिदंबरम ने कहा कि ऐसे में पाकिस्तान ने अपना हित साधने के लिए कश्मीर में अशांति पैदा करने की रणनीति अपनाया है।
चिंदबरम ने कहा कि घाटी के लोगों के दिल-दिमाग को जीत कर पाकिस्तान की इस रणनीति को विफल किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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