भाजपा विधायक सहित 17 के खिलाफ मामला दर्ज
ज्ञात हो कि सुगनी देवी महाविद्यालय के नजदीक स्थित 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 20 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता सुरेश सेठ ने विशेष न्यायालय में तत्कालीन महापौर एवं वर्तमान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तत्कालीन पार्षद तथा विधायक रमेश मैंदोला सहित चार लोगों के खिलाफ याचिका दायर की थी। आदलत ने लोकायुक्त को तीन माह में जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
सुरेश सेठ की याचिका में आरोप लगाया गया है कि विजयवर्गीय के नेतृत्व वाली महापौर की परिषद ने सारे नियमों को ताक पर रखकर जमीन तत्कालीन पार्षद मैंदोला की नंदा नगर साख समिति को 30 साल के लिए लीज पर दे दी। लोकायुक्त को इस मामले की रिपोर्ट छह जुलाई को न्यायालय में पेश करनी थी, मगर वह ऐसा नहीं कर पाए। आखिरकार उन्हें और एक माह की मोहलत दी गई।
लोकायुक्त की ओर से शुक्रवार को विशेष न्यायालय में पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि मैंदोला और नगर निगम के 13 अधिकारियों सहित कुल 17 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सेठ का आरोप है कि लोकायुक्त ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ मामला दर्ज करने में लापरवाही की।
सेठ के वकील राजेंद्र शर्मा के अनुसार न्यायालय में लोकायुक्त ने दलील दी कि विजयवर्गीय को क्लीन चिट नहीं दी गई है, बल्कि अभी जांच जारी है। न्यायालय ने लोकायुक्त को 21 सितंबर को चालान पेश करने का निर्देश दिया है।
इंडो एशियन न्यूज सर्विस।












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