राष्ट्रमंडल खेल : घोटाले पर प्रधानमंत्री से जवाब चाहता है विपक्ष (लीड-1)
विपक्ष के सांसदों ने इस संबंध में विस्तृत चर्चा के साथ-साथ संयुक्त सरकारी समिति द्वारा जांच की मांग की। इस संबंध में शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को शून्यकाल के दौरान सदन में बोलने नहीं दिया गया। रेड्डी इस मामले में अपना पक्ष साफ करना चाहते थे।
रेड्डी को सदन में बोलने से रोकने पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों के बीच गरमागरम बहस शुरू हो गई। कांग्रेसी सांसदों का कहना था कि इस मामले में रेड्डी को बोलने का पूरा अधिकार है क्योंकि वह एक ऐसे मंत्रालय से जुड़े हैं, जो राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से सीधे तौर पर संबद्ध है।
भाजपा और जनता दल (युनाइटेड) के सांसदों ने राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर अरबों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री से इस संबंध में सदन में बोलने को कहा। इस विवाद के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने रेड्डी को सदन में नहीं बोलने देने को लेकर विपक्षी सांसदों की आलोचना की। बंसल ने कहा, "यह संसदीय मर्यादा के खिलाफ है।"
इससे पहले, मुलायम सिंह के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर जारी धांधली के विरोध में सदन का बहिष्कार किया।
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने शून्यकाल में सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी नाकों के नीचे राष्ट्रमंडल खेल के नाम पर 'अनियमितताएं और गलत कार्य' जारी हैं।
इंदिरा गांधी स्टेडियम के पुनर्निमाण पर अब तक 661 करोड़ रुपये खर्च किए जाने को दासगुप्ता ने 'राष्ट्रीय शर्म' करार दिया। उन्होने कहा कि इस मामले में जबरदस्त घपलेबाजी की गई है।
जद-यू के अध्यक्ष शरद यादव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर अब तक '100,000' करोड़ रुपये का घोटाला हो चुका है।
शरद यादव ने कहा, "मैं यह साबित कर सकता हूं। मेरे पास इसके कागजी साक्ष्य हैं। यह घोटाला बहुत योजनाबद्ध तरीके से किया गया है।"
मुलायम यादव ने भी कहा कि खेलों के नाम पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धांधली हो चुकी है। बकौल मुलायम, "इससे देश का नाम खराब होगा। यह राष्ट्रविरोधी गतिविधि है।"
इस पर कांग्रेस के सांसद संजय निरूपम ने अपनी पार्टी पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों को निराधार करार दिया।
निरूपम ने कहा, "सरकार के खिलाफ तमाम आरोप निराधार हैं।" अपनी बात कहने के दौरान निरूपम कुछ उत्तेजित दिख रहे थे, लिहाजा सदनाध्यक्ष ने उन्हें संयमित भाषा का प्रयोग करने को कहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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