प्रतिबंध लगा रहे देश इंटरनेट के बारे में सीखें : रिम प्रमुख
वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी के फोन को अन्यायपूर्ण तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। ब्लैकबेरी की सुरक्षित संचार सेवाओं को जांच के दायरे में लाने से इन देशों में इलेक्ट्रानिक व्यापार का विकास प्रभावति होगा।
उन्होंने कहा, "यह इंटरनेट से संबंधित है। इंटरनेट पर सब कुछ सांकेतिक भाषा में प्रसारित होता है। यह केवल ब्लैकबेरी का मुद्दा नहीं है। यदि वे इंटरनेट को संभाल नहीं सकते तो उन्हें इसे बंद कर देना चाहिए।"
रिम के सामने यह चुनौती है कि वह इन विदेशी राष्ट्रों को इंटरनेट और ब्लैकबेरी की सेवाओं के बारे में शिक्षित बनाए।
लेजार्डिस ने कहा, "हम यह कोशिश जारी रखेंगे कि वह इंटरनेट की सच्चाइयों को समझें। इन देशों के ज्यादा लोग पीएचडी नहीं हैं और उनके पास कंप्यूटर विज्ञान में डिग्री नहीं है।"
ब्लैकबेरी प्रमुख ने कहा कि रिम इन सरकारों को समझाने की कोशिश कर रही है कि लोग इंटरनेट को सुरक्षित संचार के साधन के रूप में देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "हम इस मुद्दे से पहले भी निपट चुके हैं। इसका समाधान हो जाएगा। यदि इस विषय पर सकारात्मक बहस हो तो इसका समाधान हो जाएगा।"
उन्होंने कहा कि रिम हालांकि इन देशों के प्रशासन से सहयोग कर रही है। यदि निजी संचार की कानूनी समीक्षा के लिए न्यायालय से आदेश मिलता है तो हम उन्हें सांकेतिक भाषा उपलब्ध कराएंगे। यह टेलीफोन टेपिंग की तरह होगा।
भारत, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इंडोनेशिया और बहरीन ने रिम के फोन से सांकेतिक भाषा में प्रसारित होने ईमेल को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई हैं। यह ईमेल रिम के निजी सर्वर के जरिए प्रसारित होते हैं और रिम का कहना है कि उसके पास इस सांकेतिक भाषा को अपने स्तर पर परिवर्तित करने की कोई तकनीक नहीं है।
सऊदी अरब शुक्रवार से ब्लैकबेरी पर प्रतिबंध लगाने जा रहा है वहीं संयुक्त अरब अमेरिका 11 अक्टूबर से इस पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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