नेता की हत्या के बाद भड़की हिंसा में 30 की मौत

अज्ञात हमलावरों ने निजामाबाद इलाके में रजा हैदर उस समय हत्या कर दी जब वह एक जनाजे में शरीक होने गए थे। 51 वर्षीय रजा हैदर का कराची राजनीतिक गढ़ था। रजा वर्ष 2008 में पहली बार प्रांतीय एसेंबली के लिए चुने गए थे।
अब्बासी शहीद अस्पताल के एक कानूनी अधिकारी सिराज अली के मुताबिक रजा को छह गोलियां लगी थीं जिनमें दो उनके सिर में लगीं थीं। हैदर हत्या के तुरंत बाद कराची, हैदराबाद और सिंध के अन्य शहरों में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कई पेट्रोल पंपों में आग लगा दी।
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समाचार पत्र 'पाक ट्रिब्यून' ने पुलिस अधिकारी हामिद प्रियार के हवाले से लिखा है कि अब तक 30 लोग मारे जा चुके हैं और हिंसा में 60 से ज्यादा लोग घायल हैं।
एमक्यूएम के नेताओं फैसल सब्जवारी और वसीम आफताब ने मीडिया से कहा कि रजा को कुछ समय से धमकी मिल रही थी। इन नेताओं ने अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया।
एएनपी के सिंध प्रांत के अध्यक्ष शाही सैय्यद ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि दुख की इस घड़ी में वे एमक्यूएम के साथ हैं। सिंध के गृह मंत्री जुल्फिकार मिर्जा ने पुलिस महानिरीक्षक को इस हत्या की जांच करने का निर्देश दिया है।












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