मप्र में महिला हॉकी फिर विवाद में
ग्वालियर की महिला हॉकी अकादमी की संविदा पर तैनात पूर्व प्रशासक माधवी शर्मा ने रविवार को प्रधान पर दुर्व्यवहार (यौन उत्पीड़न का) का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। शर्मा का आरोप था कि जब उन्होंने इसका विरोध कर शिकायत की तो उन्हें सेवा से ही हटा दिया है।
शर्मा का आरोप है कि 28 सितम्बर 2009 को दशहरा का त्योहार होने के बावजूद उन्हें क्रीड़ा अधिकारी के कक्ष में बुलाया और उनके साथ प्रधान ने बदसलूकी की कोशिश की। इस बात की शिकायत उन्होंने 29 सितम्बर को जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, मगर प्रधान पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं उन्हें सेवा से ही हटा दिया गया।
वहीं प्रधान ने माधवी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वित्तीय अनियमितताओं के चलते माधवी को सेवा से बर्खास्त किया गया है, उसी के चलते वह आरोप लगा रही हैं। उन्होंने अपनी सफाई में कहा है कि माधवी की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति ने जांच की थी जिसमें एक महिला अधिकारी भी थी। इसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने एक माह का वेतन देकर बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी। साथ ही वे सवाल करते हैं कि लगभग एक साल बाद माधवी यह आरोप लगा रही है, जो समझ से परे हैं।
प्रधान का कहना है कि माधवी ने संविदा प्रशासक का पद जिन दस्तावेजों के सहारे हासिल किया था वह भी फर्जी पाए गए हैं। वह बास्केट वाल का टूर्नामेंट खेली नहीं है और उसका प्रमाण पत्र नियुक्ति के समय दिया है। उन्होंने माधवी के परिजनों के आपराधिक प्रवृत्ति का होने का भी आरोप लगाया।
वहीं खेल संचालक संजय चौधरी का कहना है कि प्रधान पर लगाए गए आरोप गलत हैं और अनियमितता की जांच के बाद माधवी को बर्खास्त किया गया है। वहीं माधवी ने उच्च न्यायालय और महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिस पर सुनवाई चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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