मंत्री और विधायक के गनर बेटों की सुरक्षा में
यह खुलासा हुआ है सागर जिले में, जहां पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव का सुरक्षा कर्मी आंदोलनरत बेटा अभिषेक और कांग्रेस विधायक अरूणोदय चौबे का सुरक्षा कर्मी बेटे यशोवर्धन की सुरक्षा में लगा था।
सागर के हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय छात्रों के लिए 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को बुंदेलखण्ड छात्र संघर्ष मंच ने आंदोलन किया था। इस आंदोलन में तमाम राजनीतिक दलों के युवा संगठनों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे।
इस आंदोलन में भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान जहां मंत्री भार्गव का बेटा अभिषेक संभाले था वहीं भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की अगुआई कांग्रेस विधायक अरूणोदय चौबे का बेटा यशोवर्धन कर रहा था। आंदोलन में शामिल युवाओं ने कुलपति आवास का घेराव किया। पुलिस को आंदोलनकारियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे और बल प्रयोग भी करना पड़ा था।
इस आंदोलन के दौरान अभिषेक और यशोवर्धन उन सुरक्षाकर्मियों के साथ मौजूद थे जो मंत्री और विधायक को मिले हुए हैं। सागर के नगर पुलिस अधीक्षक अमृत मीणा ने आईएएनएस से चर्चा के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि आंदोलन स्थल पर भार्गव का सुरक्षाकर्मी अशोक शर्मा व चौबे का सुरक्षा कर्मी पुष्पेंद्र दुबे मौजूद था। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि दोनों जनप्रतिनिधि विधानसभा सत्र चलने के कारण भोपाल में थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों सुरक्षाकर्मी से आंदोलन के दौरान अधिकारियों ने पूछताछ की तो उनके पास न तो डयूटी आदेश मिले और न ही वे निर्धारित वर्दी में थे। इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भोपाल भेजा गया है।
वहीं इस संदर्भ में विधायक चौबे ने स्वीकार किया है कि उनका सुरक्षाकर्मी आंदोलन स्थल तक गया था। साथ ही उन्होंने सफाई दी है कि विधानसभा सत्र चलने के कारण वे सुरक्षकर्मी को सागर में ही छोड़ आए थे और बेटे यशोवर्धन से संपर्क न होने के कारण सुरक्षाकर्मी को आंदोलन स्थल तक भेजा था। वे अपनी सुरक्षा के लिए मिले गार्ड को किसी और के साथ भेजने को गलत मानते हैं। वहीं मंत्री भार्गव से संपर्क करने की कोशिश की गई मगर वे उपलब्ध नहीं हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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