'भारत में जल एवं सफाई क्षेत्र में निवेश करें अमेरिकी कंपनियां'
वाशिंगटन। भारत की 1.2 अरब जनसंख्या में से 12 फीसदी लोगों के लिए अभी तक स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने यहां जल एवं सफाई क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की बात कही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि जल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में प्रत्येक अमेरिकी डॉलर के निवेश से विकासशील देशों को पांच से 28 डॉलर का आर्थिक लाभ होगा।
भारतीय दानदाता बैठक में अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री राबर्ट ब्लैक ने कहा, "इस क्षेत्र में थोड़ा सा भी निवेश जनस्वास्थ्य और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।" ब्लैक दक्षिण एशियाई मामलों से संबद्ध हैं।
ब्लैक ने कहा, "उद्योग समूह, अकादमियां और नागरिक समितियां विकसित और शुद्धीकरण करने वाली तकनीकों के उपयोग से भारत और अन्य देशों में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर सकते हैं।" ब्लैक ने कहा भारत में बढ़ती जनसंख्या के दबाव के कारण जलवायु परिवर्तन, और ग्लेशियरों के पिघलने आदि की समस्याओं को केवल सरकार की जिम्मेदारी पर नहीं छोड़ा जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारत में पानी की कमी का आलम यह है कि इससे लोगों की आय के स्तर पर भी फर्क पड़ता है। देश के कुल 626 जिलों में से वर्ष 2009 में आधे जिले सूखा प्रभावित रहे। उन्होंने कहा कि नहरों में सिंचाई के लिए उपयुक्त जल का अभाव है इससे भारत की खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications