कश्मीरी समूहों से बात के लिए हम तैयार हैं : चिदंबरम
गृह मंत्रालय की जून की मासिक प्रगति रिपोर्ट जारी करने के बाद चिदंबरम ने कहा, "मैंने अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों के साथ बैठक की है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार विभिन्न समूहों से बातचीत के लिए तैयार है। अपने लोगों के साथ बातचीत करने से आखिर क्या नुकसान है?"
यह पूछे जाने पर कि क्या घाटी में अलगाववादी संगठनों के आदेशों का लोग पालन करते हैं? उन्होंने कहा कि वह इससे सहमत नहीं हैं।
चिदंबरम ने कहा, "हो सकता है कि श्रीनगर या कुछ अन्य हिस्सों में वे लोगों को समर्थन इकट्ठा करने और बंद बुलाने में सक्षम हों।"
गृह मंत्री ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर सरकार के अनुसार वहां स्थिति सामान्य होने के कगार पर है।"
उन्होंने कहा कि नई आत्मसमर्पण नीति, मारे गए लोगों के परिजनों को और घायलों को मुआवजा देने व नई नौकरियों के सृजन के लिए कई योजनाओं सहित राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
उल्लेखनीय है कि भीड़ की पत्थरबाजी और सुरक्षाबलों व प्रदर्शनकारियों के झड़पों में 17 लोगों की मौत के बाद पिछले महीने कश्मीर घाटी में भारी अशांति फैल गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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