भारत-ब्रिटिश कंपनियों के बीच करोड़ों पाउंड के समझौते (राउंडअप)
इस यात्रा के दौरान कैमरन ने ब्रिटिश वित्त मंत्री जार्ज ऑस्बोर्न और व्यापार मंत्री विन्स केबल के साथ कई आयोजनों में हिस्सा लिया। कैमरन के इस दौरे से स्पष्ट हो गया कि ब्रिटेन भारत से साझेदारी के लिए पूरी तरह से गंभीर है।
कैमरन ने बेंगलुरू में कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत, विस्तृत और गंभीर साझेदारी चाहते हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ के देशों में भारतीय उद्यमियों की वीजा समस्याओं और चिंताओं को दूर करने की इच्छा जताई।
भारत-ब्रिटेन परिषद की बैठक में वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा की उपस्थिति में कैमरन ने कहा, "यह कहना पूरी तरह से गलत है कि हम एक ही समय में संवेदनशील और पूरी तरह खुली अर्थव्यवस्था के साथ नियंत्रित आव्रजन नियमों को लागू कर सकते हैं।"
"हम भारत से सबसे बेहतर और प्रतिभाशाली लोगों को लाना चाहते हैं। इसका सीधा अर्थ है कि हम एक बेहतर तंत्र विकसित करना चाहते हैं।"
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच रक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना, उच्च प्रौद्योगिकी, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी एवं आउटसोर्सिग के क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
ब्रिटिश व्यापार मंत्री केबल ने कहा, "भारत ऐसा देश है जहां सफलता प्राप्त करने के लिए आपको बहुराष्ट्रीय बनने की आवश्यकता नहीं है। भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर यहां ब्रिटिश कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया है और हम ज्यादा से ज्यादा ब्रिटिश कंपनियों को यहां संभावनाएं तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
विनिर्माण मशीनें बनाने वाली जे. सी. बेम्फोर्ड (जेसीबी) की एक लाखवीं मशीन बाजार में उतारने के अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए केबल ने कहा, "बेनॉय आर्किटेक्चर कंपनी यहां आधारभूत संरचना के क्षेत्र में काम करेगी, पिकोचिप 4जी तकनीक के लिए नेटवर्क स्थापित करेगी और बीएई एवं ग्रीफोन्स यहां रक्षा क्षेत्र में काम करेंगी।"
इससे पहले बुधवार को ब्रिटिश विमान निर्माता कंपनी बीएई सिस्टम्स ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 57 हॉक प्रशिक्षण विमान बनाने का लाइसेंस देने के लिए 70 करोड़ पाउंड का समझौता किया था।
इस अवसर पर मौजूद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री कमलनाथ ने वर्ष 1993 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉन मेयर के भारत दौरे को याद करते हुए कहा, "मुझे याद है जब 17 साल पहले जॉन मेयर भारत के दौरे पर आए थे और तब भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संभावनाओं को स्वीकार किया गया था।"
केबल ने कहा, "भारत में आधारभूत संरचनाओं के विकास को देखते हुए भारत और ब्रिटेन के संबंधों के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।"
केबल ने अन्य घोषणाओं के साथ हॉवरक्राफ्ट विमानों की निर्माता कंपनी ग्रीफोन हॉवरवर्क द्वारा 3.4 करोड़ पाउंड की कीमत के हॉवरक्राफ्ट विमान भारतीय तटरक्षक बलों को बेचे जाने की घोषणा की।
वित्त मंत्री ऑस्बोर्न ने गुरुवार को मुंबई में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से अपनी मुलाकात के दौरान ब्रिटिश कंपनियों को भारत के नागरिक परमाणु कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति देने की घोषणा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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