'बांग्लादेश में सैन्य शासन था अवैध'
वर्ष 1975 से 1990 के बीच मार्शल लॉ लागू होने के दौरान बांग्लादेश में कई राजनीतिक और संवैधानिक परिवर्तन किए गए थे और देश में कई सैन्य सरकारों ने शासन किया था।
न्यायालय की अपील मामलों की शाखा ने अपनी 186 पृष्ठों की रिपोर्ट में 2005 में संविधान के पांचवें संशोधन को अवैध घोषित किए जाने के निर्णय को वैध करार दिया है।
डेली स्टार समाचार पत्र के मुताबिक न्यायालय ने अपने इस आदेश को बुधवार को वेबसाइट पर जारी किया।
न्यायालय ने कहा, "हम मार्शल लॉ, संविधान के निलंबन और इस तरह की अन्य गतिविधियों को पूरी तरह अवैध घोषित करते हैं।"
न्यायालय ने कहा, "इन अवैध कार्यो को करने वाले लोगों को दंडित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं दोहराई जाएं।"
साथ ही न्यायालय ने कहा कि सैन्य शासन को अतीत में गलत तरह से न्यायसंगत ठहराया गया है। भविष्य में किसी भी आधार पर इसे न्यायसंगत नहीं ठहराया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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