उड़ीसा में बस सेवा प्रभावित
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "मल्कानगिरी, रायगाड़ा और गजपति जिलों के आंतरिक हिस्सों में सरकारी और निजी बसें नहीं चलीं। नक्सली हमले के भय से चालकों ने वाहन नहीं चलाया।"
नक्सलियों ने इन हिस्सों में पोस्टर और पर्चे बांटे हैं। जिनमें उनके द्वारा सरकार व तंत्र के खिलाफ छेड़े गए संघर्ष में लोगों से शामिल होने के लिए कहा गया है।
राज्य के तकरीबन 30 जिलों में नक्सली सक्रिय हैं। मल्कानगिरी, गजपति और रायगाड़ा जिले नक्सलियों के गढ़ हैं।
अधिकारी ने बताया,"हमने आतंरिक हिस्सों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया है।"
गौरतलब है कि नक्सली आंदोलन के प्रेरणता और संस्थापक चारु मजूमदार की 28 जुलाई 1972 को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। तभी से इस अवसर पर नक्सली 'शहीद सप्ताह' मनाते रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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