राष्ट्रमंडल खेल : मुख्य स्टेडियम राष्ट्र को समर्पित (लीड-2)
अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर ग्रीन टर्फ, रनिंग ट्रैक और आरामदायक सीटों से सुसज्जित इस स्टेडियम को मूलत: 1982 के एशियाई खेलों के लिए निर्मित किया गया था। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पुननिर्माण के बाद इस स्टेडियम को मंगलवार को खेल मंत्री एम. एस. गिल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी की उपस्थिति में राष्ट्र को समर्पित किया।
राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान यहां एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और लॉन बाल स्पर्धाएं आयोजित होंगी। साथ ही उद्घाटन तथा समापन समारोह भी यहीं आयोजित होगा।
इस स्टेडियम के पुनर्निमाण में 20 करोड़ डॉलर (9.6 अरब रुपये) खर्च किए गए हैं। इसके निर्माण के लिए जर्मनी, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन, मेक्सिको और आस्ट्रेलिया की निर्माण कंपनियों की मदद ली गई है।
खेल मंत्री गिल ने कहा कि 3-14 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इस आयोजन स्थल के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। खेलों के दौरान यहां 71 देशों के 10,000 से ज्यादा खिलाड़ी एकत्रित होंगे।
खेलों के लिए सभी आयोजन स्थलों को एक अगस्त तक आयोजन समिति को सौंपा जाना है। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के अंदर ही बनाए गए भारोत्तलन केंद्र का काम भी पूरा हो चुका है अगले दो-तीन दिन में इसका उद्धाटन किया जाएगा।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा दो साल सात महीने पहले इस स्टेडियम के निर्माण का काम शुरू किया गया था। स्टेडियम के निर्माण का काम पूरा करने की अंतिम तिथि को कई बार टाला गया।
यह राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किए जा रहे आयोजन स्थलों में 11वां आयोजन स्थल है जो तैयार हो चुके हैं।
इस स्टेडियम की खास बात यह है कि यहां अत्याधुनिक अंदाज में टेलीविजन प्रसारण की पूरी व्यवस्था की गई है। साथ ही यहां रात्रि आयोजनों के लिए फ्लडलाइट लगाई गई है और समापन तथा उद्घाटन समारोह के लिए विशेष तौर पर एक सुरंग बनाई गई है, जिसके माध्यम से कलाकार स्टेडियम में प्रवेश कर सकेंगे।
खेल आयोजनों के अलावा इस स्टेडियम के परिसर में नेशनल डोप टेस्ट प्रयोगशाला, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का मुख्यालय और छात्रावास हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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