न्यायालय ने कांग्रेस सांसद का निर्वाचन रद्द किया
न्यायाधीश शशिधरन नांबियार ने कहा कि सुरेश अनुसूचित जाति की श्रेणी में उम्मीदवार बनने के पात्र नहीं हैं और उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के आर.एस.अनिल और दो अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। सुरेश ने अनिल को वर्ष 2009 के चुनाव में 40,000 मतों से हराया था।
सुरेश इससे पहले चार बार (1989,1991,1996 और 1999 में) अदूर सुरक्षित संसदीय क्षेत्र से विजयी हुए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय को बताया कि सुरेश जन्म से ईसाई थे और उन्होंने बाद में धर्मातरण किया।
केरल कांग्रेस (बी) के पूर्व विधायक और सांसद आर.बालाकृष्णन पिल्लै ने संवाददाताओं के समक्ष इस फैसले पर आश्चर्य जताया।
पिल्लै ने कहा कि वह सुरेश के साथ नामांकन दाखिल करने गए थे। वह इसी श्रेणी में अदूर से चार बार निर्वाचित हो चुके हैं और दो बार चुनाव हार चुके हैं। उनके पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील का विकल्प है।
उधर अनिल ने कहा कि उनके पास इसके सारे सबूत हैं कि सुरेश सुरक्षित क्षेत्र से उम्मीदवार बनने के पात्र नहीं हैं।
सुरेश के नजदीकी सूत्रों ने कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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