गैस रिसाव के बाद फॉक्सकॉन इंडिया का संयंत्र बंद (लीड-1)
तमिलनाडु सरकार ने अधिकारियों द्वारा चेन्नई से 45 किलोमीटर दूर स्थित इस संयंत्र की संपूर्ण जांच होने तक इसे बंद करने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को यहां अज्ञात जहरीली गैस का रिसाव होने से बीमार हुए 37 मजदूरों को श्री रामचंद्र चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया था। इसके बाद संयंत्र को बंद करने का फैसला लिया गया।
1.74 अरब डॉलर वाली ताइवान के फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी समूह की कंपनी फॉक्सकॉन इंडिया तमिलनाडु में तीसरी सबसे ज्यादा औद्योगिक रोजगार देने वाली कंपनी है। हुंडई मोटर इंडिया और नोकिया के बाद इसके 7,000 कर्मचारी हैं। कंपनी के इस संयंत्र में 500 कर्मचारी कार्यरत हैं।
उल्लेखनीय है कि सुनगुवारचत्रम स्थित संयंत्र करीब नौ महीने बंद रहने के बाद मोबाइल से जुड़े सामनों की मांग बढ़ने पर शुक्रवार को दोबारा खुला था।
डीएमके पार्टी के श्रम संगठन से जुड़े फॉक्सकॉन इंडिया के श्रमिक संघ के अध्यक्ष सी. वी. एम. पी. एझिलारासन ने कहा, "शुक्रवार को करीब दो बजे भोजन के बाद यहां छह महिला कर्मचारियों के बेहोश होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था इसके बाद दूसरी पाली को रद्द कर दिया गया था। तीसरी पाली में जब कुछ मजदूर बेहोश हो गए तब बाकी मजदूर भी बाहर आ गए।"
एझिलारासन के अनुसार रात के तीसरे पहर में करीब 15 मिनट के भीतर कुछ श्रमिकों के बेहोश होने के बाद बाकी लोग कारखाने से बाहर आ गए।
श्रीपेरंबदूर स्थित अस्पताल लाए गए 235 लोगों के लिए पर्याप्त सुविधाएं न होने से पुलिस की मदद से कुछ मरीजों को श्री रामचंद्र चिकित्सा केंद्र ले जाया गया।
फॉक्सकॉन इंडिया का कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलने के लिए मौजूद नही था और एझिलारासन ने इसके लिए प्रबंधन को दोषी ठहराया।
एझिलारासन ने कहा, "एयर कंडीशनिंग पाइपों में कीटनाशक डाले जाने के कारण यह घटना हुई है।"
उन्होंने कहा, "हमने कंपनी के अधिकारियों से कहा है कि विशेषज्ञों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच कराने और हरी झंडी मिलने के बाद ही यहां से उत्पादन शुरू किया जाना चाहिए।"
फॉक्सकॉन इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से नाम न जाहिर करने की शर्त बताया कि सुनगुवारचत्रम स्थित संयंत्र में कोई गैस टंकी नहीं है।
उन्होंने बताया कि संयंत्र के श्रमिकों को सोमवार को श्रीपेरंबदूर स्थित मुख्य संयंत्र में भेजा जाना था।
एझिलारासन के अनुसार संयंत्र में सफाई के लिए रंगहीन और ज्वलनशील एक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है।
एझिलारासन और अधिकारी यह नहीं बता पाए कि श्रमिकों के बेहोश के पीछे का कराण यही जहरीला रसायन हो सकता है।
फॉक्सकॉन इंडिया का मुख्य संयंत्र श्रीपेरंबदूर के विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में संचालित होता है।
इस बीच फॉक्सकॉन इंडिया प्रबंधन ने कहा, "उत्पादन स्थल पर 23 व 24 जुलाई को कुछ लोगों में उल्टी, मिचली और चक्कर आने के लक्षण पाए गए थे। सभी को नजदीक और शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां सबका इलाज चल रहा है।"
कंपनी के एक बयान में रविवार को कहा गया है, "प्रबंधन ने कारखाने में निर्माण कार्य में किसी प्रकार का खतरनाक पदार्थ या गैस का इस्तेमाल न करने की भी पुष्टि की है।"
बयान में कहा गया कि प्रबंधन हादसे के कारणों का पता लगा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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