भ्रष्टाचार के आरोप में 3 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी
रांची, 25 जुलाई (आईएएनएस)। लखनऊ की एक कंपनी को ग्रामीण विद्युतीकरण का ठेका देने के एवज में उससे रिश्वत लेने के आरोप में झारखण्ड राज्य बिजली बोर्ड (जेएसईबी) के तीन पूर्व अध्यक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जेएसईबी के सचिव एस.के. सिन्हा की ओर से शनिवार को जेएसईबी के पूर्व अध्यक्षों वी.एन.पांडेय, एस.एम. वर्मा और एच.बी.लाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। वे मधु कोड़ा और शिबू सोरेन की सरकार के कार्यकाल के दौरान जेएसईबी में अध्यक्ष पद पर थे।
इन तीनों अधिकारियों ने ग्रामीण विद्युतीकरण के कार्य का जिम्मा कथित तौर पर लखनऊ की आईवीआरसीएल कंपनी को 445 करोड़ रुपये के ऊंची कीमत पर सौंप दिया था और इस ठेके के एवज में कथित तौर पर रिश्वत कबूल की थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्राथमिकी आयकर रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई। आईवीआरसीएल के कुछ अधिकारियों ने आयकर अधिकारियों द्वारा पूछताछ के दौरान बताया कि 90 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि का भुगतान जेएसईबी के पूर्व अध्यक्षों, कोड़ा और अन्य को किया गया। कोड़ा के सहयोगी विनोद सिन्हा का नाम भी पूछताछ में सामने आया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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