विवाहेत्तर संबंध बनाए तो नौकरी की खर नहीं!
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार सरकार ओर से यह अनोखा फरमान जियांगसु प्रांत में जारी किया गया है। सिर्फ विवाहेत्तर संबंधों की बात नहीं बल्कि अधिकारियों के अन्य निजी संबंधों का भी मूल्यांकन हर दूसरे साल किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि उनके अपने माता-पिता, बच्चों और पड़ोसियों से कैसे रिश्ते हैं।
यह नियम सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के पदाधिकारियों पर लागू होगा। नैतिकता की परख के लिए साक्षात्कार लिए जाने के साथ ही उनके घरों के दौरे करना, जांच करना और लोगों की राय भी ली जाएगी। अगर किसी के खिलाफ अनैतिक व्यवहार संबंधी कोई बात सामने आती है तो उसे खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीपीसी की स्थानीय इकाई के प्रमुख जियांग जियानमिंग ने बताया, "अधिकारियों को नैतिकता की मिसाल देनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो इससे स्थानीय सरकार की भी बदनामी होगी।"
एक आंकड़े के अनुसार 95 फीसदी भ्रष्टाचार के मामलों में पाया जाता है कि दोषी करार दिए गए अधिकारी विवाहेत्तर संबंधों में लिप्त होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications