सोहराबुद्दीन मामला : अमित शाह की जमानत अर्जी खारिज (लीड-2)
शाह पर हत्या और आपराधिक षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया है। पूछताछ के लिए शाह के सीबीआई के समक्ष पेश न होने के बाद जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल करने का कदम उठाया।
सीबीआई ने शाह को पेश होने के लिए शुक्रवार दोपहर एक बजे तक की मोहलत दी थी, लेकिन शाह ने सीबीआई के विशेष न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर दी। न्यायालय ने शुक्रवार दोपहर बाद अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
शुक्रवार को सीबीआई के समक्ष खुद हाजिर होने की बजाय शाह ने अपने वकील मितेश अमीन को भेजा था। अमीन ने प्रश्नावली मांगी लेकिन सीबीआई ने उन्हें इसे देने से इंकार कर दिया।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने नवंबर 2005 को सोहराबुद्दीन को एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। उसकी पत्नी कौसर बी तभी से लापता है। राज्य पुलिस का दावा है कि सोहराबुद्दीन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था।
इस वर्ष 12 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने इस 'मुठभेड़' में शामिल गुजरात और राजस्थान के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में 15 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
उधर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री की ओर से दिए गए भोज का निमंत्रण ठुकरा दिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह को सीबीआई द्वारा सम्मन भेजने की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
उन्होंने कहा "प्रधानमंत्री की ओर से हमें आज (शुक्रवार) दोपहर के भोजन का निमंत्रण मिला था। इसमें (लालकृष्ण) आडवाणी जी, (अरुण) जेटली, मुझे और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को शामिल होना था।"
सुषमा ने कहा, "आप सभी जानते हैं कि हमने पहले भी केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई के दुरुपयोग की बात कही है। गुजरात में भी सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सीबीआई के इसी दुरुपयोग के विरोध में हमने प्रधानमंत्री की ओर से दिए भोज पर न जाने का फैसला किया है। आडवाणी जी ने वित्त मंत्री को आज सुबह इसके बारे में फोन पर बता दिया था। वैसे हमने प्रधानमंत्री कार्यालय को भी इसकी जानकारी दे दी है।"
सोमवार से आरंभ हो रहे संसद के मानसूत्र सत्र से पहले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं को भोजन पर आमंत्रित किया था।
कांग्रेस ने भाजपा पर सोहराबुद्दीन शेख मामले में जांच को प्रभावित करने के प्रयास का आरोप लगाया है। शुक्रवार को कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा गुजरात के गृह मंत्री अमित शाह का नाम इस मामले में आने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस मसले पर आज संवाददाता सम्मेलन करना गैर जिम्मेदाराना हरकत है।
"सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मामले की जांच के आदेश देने के बाद भाजपा द्वारा इस प्रकार की प्रतिक्रिया देना उसकी बौखलाहट का नतीजा है।..यह सस्ती राजनीति है।"
उन्होंने इस मामले को आधार बनाते हुए, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा संसद के मानसून सत्र के आरंभ होने से पूर्व आज दिए गए भोज का निमंत्रण ठुकराने के भाजपा नेताओं के निर्णय की भी आलोचना की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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