भारत, अमेरिका ने आतंक निरोधी समझौते पर हस्ताक्षर किया
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। शीर्ष अमेरिकी सैन्य कमांडर, माइक मुलेन द्वारा भारत में 26/11 जैसे एक और हमले की चेतावनी दिए जाने के एक दिन बाद नई दिल्ली ने अमेरिका के साथ एक आतंक निरोधी समझौते पर हस्ताक्षर किया और आतंकी जांच से लेकर साइबर व सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाने का संकल्प लिया।
आतंक निरोधी सहयोग को कार्यान्वित करने के लिए आपसी समझौते (एमओयू) को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अमेरिका दौरे (नवंबर 2008) के दौरान मूर्त रूप दिया गया था। अब इस समझौते पर भारत में अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे.रोमर और केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने हस्ताक्षर किया।
रोमर ने कहा, "यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच आतंक निरोध, सूचना का आदान-प्रदान और क्षमता विकास पर घनिष्ठ और प्रभावी सहयोग का ताजा सबूत है।"
इस पहल के तहत आतंक से मुकाबले के लिए सहयोग बढ़ाने के खास क्षेत्रों की पहचान की गई है। इसमें परिवहन सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, आर्थिक घपलेबाजी व आतंक वित्तपोषण और बड़े शहरों में पुलिस बंदोबस्त व्यवस्थित करने जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रोमर ने कहा, "आने वाले दिनों और महीनों में बम विस्फोट जांचों और प्रमुख आयोजनों की सुरक्षा से लेकर बड़े शहरों में पुलिस बंदोबस्त जैसे मुद्दों पर भी सूचनाओं का आदान-प्रदान और सामूहिक प्रयास देखने को मिलेंगे।"
मुंबई हमले जैसे एक और हमले की चेतावनी देते हुए मुलेन ने अपने साथ यात्रा कर रहे संवाददाताओं को बताया था कि वह इस बात से चिंतित हैं कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) एक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक खतरे के रूप में उभर रहा है। मुलेन इन दिनों भारत दौरे पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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