यूनियन कार्बाइड कारखाने के कचरे से खतरा

भोपाल, 23 जुलाई (आईएएनएस)। यूनियन कार्बाइड कारखाने का कचरा धार के पीथमपुर में स्थापित रामकी इन्वायरो कंपनी के भस्मक (इंसीनरेटर)में नष्ट किए जाने से हादसा होने की आशंका है। यह आशंका मध्य प्रदेश विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस विधायकों ने एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को व्यक्त की।

भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता, नीना वर्मा और कांग्रेस विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा ने का कहना है कि यह संयंत्र घनी आबादी वाले इलाके में है और इसके नजदीक ही सैनिक छावनी भी है। भाजपा की विधायक नीना वर्मा ने तो यहां तक कहा कि अगर हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार अथवा मंत्री लेंगे।

इन विधायकों का कहना है कि रामकी संयंत्र में कचरा नष्ट किए जाने से इंदौर के यशवंत सागर तालाब को खतरा है। उन्होंने कहा कि संयंत्र से निकलने वाले दो नाले नदी से आकर मिलते हैं और नदी का पानी यशवंत सागर में जाता है, जहां से इंदौर के एक हिस्से में सालभर जलापूर्ति की जाती है।

विधायकों की मांग थी कि इस संयंत्र में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं लिहाजा इस संयंत्र को पीथमपुर के अलावा किसी अन्य स्थान पर स्थापित किया जाना चाहिए।

वर्मा का कहना है कि संयंत्र के करीब ही तारापुर बस्ती है, इतना ही नहीं सैनिक छावनी भी संयंत्र से ज्यादा दूर नहीं है। उन्हें आशंका है कि कचरा नष्ट करने के दौरान रिसने वाली जहरीली गैस से बड़ा हादसा हो सकता है।

इसी मुद्दे को लेकर पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया से वर्मा की नोकझोंक भी हुई। इस दौरान वर्मा ने सवाल किया कि अगर हादसा होता है तो क्या उसकी जिम्मेदारी सरकार अथवा मंत्री जयंत मलैया खुद लेंगे।

वर्मा ने बताया कि पिछले दिनों 26 जून 2010 को कचरा जलाने के दौरान रिसी गैस से मजदूरों को जलन, उल्टी व चक्कर आने की शिकायत हुई और उन्हे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्हें आशंका है कि इसी तरह ज्यादा मात्रा में जहरीली गैस के रिसाव से बड़ा हादसा भी हो सकता हैं, लिहाजा इस संयंत्र को बंद किया जाना चाहिए।

वहीं मलैया किसी भी तरह के हादसे की आशंका को मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 मे उच्चतम न्यायालय ने खतरनाक अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए 'कॉमन ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फेसिलिटी' बनाने के निर्देश दिए थे। उसी का पालन कर 'मेसर्स रामकी इन्वायरो इंजीनियर्स हैदराबाद' को काम सौंपा गया।

मलैया ने आगे बताया कि भू-जल स्रोत सहित अन्य स्रोत प्रदूषित न हों, इसके लिए संयंत्र में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी कोई प्रकिया नही अपनाई जाएगी जिससे जल प्रदूषित हो।

इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।

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