प्रधानमंत्री परिषद के अनुमानों के महत्वपूर्ण बिंदु (लीड-1)

- वर्ष 2010-11 में आर्थिक विकास दर 8.5 प्रतिशत और 2011-12 में 9.0 प्रतिशत

- वर्ष 2009-10 में कृषि के क्षेत्र में विकास दर 0.2 प्रतिशत रही। वर्ष 2010-11 में 4.5 प्रतिशत और वर्ष 2011-12 में 4.0 प्रतिशत अनुमानित विकास दर।

- वर्ष 2009-10 में औद्योगिक विकास दर 9.3 प्रतिशत रही। वर्ष 2010-11 में 9.7 प्रतिशत और 2011-12 में 10.3 प्रतिशत अनुमानित विकास दर।

- वर्ष 2009-10 में सेवा क्षेत्र की विकास दर 8.5 प्रतिशत रही। वर्ष 2010-11 में 8.9 प्रतिशत और वर्ष 2011-12 में 9.8 प्रतिशत अनुमानित विकास दर।

- वैश्विक आर्थिक और वित्तीय स्थिति का मंद उत्थान होना।

- घरेलू बचत और विकास दर को बढ़ाने में मददगार निवेश के प्रमुख घटकों में वृद्धि का अनुमान।

- वर्ष 2010-11 में 37 प्रतिशत और 2011-12 में 38.4 प्रतिशत निवेश दर का अनुमान।

- वर्ष 2010-11 में 34 प्रतिशत से अधिक और 2011-12 में लगभग 36 प्रतिशत घरेलू बचत दर का अनुमान।

- वर्ष 2010-11 में चालू लेखा घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 2.7 प्रतिशत और 2011-12 में 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान।

- वर्ष 2010-11 में 137.8 अरब अमेरिकी डॉलर अथवा सकल घरेलू उत्पाद का 9 प्रतिशत और वर्ष 2011-12 में 160 अरब अमेरिकी डॉलर अथवा सकल घरेलू उत्पाद का 9.3 प्रतिशत जिंस व्यापार घाटे का अनुमान।

- वर्ष 2010-11 में 96 अरब अमेरिकी डॉलर अथवा सकल घरेलू उत्पाद का 6.3 प्रतिशत और 2011-12 में 109.7 अरब अमेरिकी डॉलर अथवा 6.4 प्रतिशत अतिरिक्त अदृश्य व्यापार का अनुमान।

- वित्तीय आवश्यकताओं के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था की उच्च वृद्धि दर द्वारा पूंजी प्रवाह को शीघ्र ग्रहण किया जा सकेगा।

- वर्ष 2009-10 के 53.6 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में वर्ष 2010-11 में 73 अरब अमेरिकी डॉलर और वर्ष 2011-12 में 91 अरब अमेरिकी डॉलर के पूंजी प्रवाह का अनुमान।

- वर्ष 2009-10 में मुद्रा भंडार में 13.4 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि। वर्ष 2010-11 में इसमें 30.9 अरब अमेरिकी डॉलर और 2011-12 में 39.8 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि होने का अनुमान।

- अनुमानित सामान्य मानसून के साथ आधारभूत प्रभाव के कारण मार्च 2011 तक अनुमानित महंगाई दर 6.5 प्रतिशत।

- जून 2010 में अंतिम महंगाई दर 10 प्रतिशत से अधिक थी।

- मध्यम अवधि में टिकाऊ विकास के लिए ऊंची महंगाई दर को नियंत्रण में लाना आवश्यक है।

- मूल्यों में कमी लाने के लिए उपलब्ध खाद्य भंडारों को जारी किया जाना चाहिए।

- आर्थिक मंदी से उबरने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मौद्रित नीति

- ऋण प्रवाह में वृद्धि। वर्ष 2010-11 की पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर।

- पूंजी बाजार से वाणिज्यिक क्षेत्र में निधि प्रवाह काफी मजबूत। इक्विटी जारी होने की तुलना में बांड जारी होने की दर में वृद्धि।

- मौद्रिक नीति के लिए तरलता शर्ते काफी सुरक्षित हैं, जिसका वित्तीय क्षेत्र पर समुचित प्रभाव पड़ने का अनुमान।

- विनिमय दर में बदलाव स्वीकार्य सीमा में होगा।

- विस्तारवादी वित्तीय नीति से बाहर निकलना न केवल व्यावहारिक है बल्कि आवश्यक भी

- प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह में उच्च वृद्धि। दूरसंचार क्षेत्र में नीलामी और पेट्रोलियम उत्पादों के मूल्यों का विनियंत्रण के माध्यम से अतिरिक्त राहत प्रदान करना।

- वर्ष 2010-11 के लिए सकल घरेलू उत्पाद के 8.4 प्रतिशत समेकित वित्तीय घाटे के बजट की तुलना में वित्तीय घाटा कम होने का अनुमान।

- सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात के रूप में राजस्व घाटा वर्ष 2009-10 के 6.3 प्रतिशत की तुलना में 2010-11 में 4.6 प्रतिशत होने का अनुमान।

- जिंस और सेवा कर (जीएसटी) को सुसंगत बनाने के काम को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

- वित्तीय घाटा और राजस्व घाटे का बजटीय स्तर की तुलना में अधिक नियंत्रित रहने का अनुमान।

- खाद्य और उवर्रक पर राज सहायताओं को सुसंगत बनाने की आवश्यकता।

- 9.0 प्रतिशत विकास दर कायम रखने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी

- महंगाई पर नियंत्रण रखना।

- कृषि उत्पादकता में सुधार लाना।

- विशेषकर बिजली क्षेत्र में वास्तविक आधारभूत बड़े घाटे को समाप्त करना।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+