मनसे ने नायडू व तेदेपा नेताओं के बहिष्कार का आह्वान किया
मनसे के उपाध्यक्ष वी. सारस्वत ने आईएएनएस से कहा, "हमने जेल अधिकारियों सहित औरंगाबाद के निवासियों से अपील की है कि वे नायडू या उनके साथियों से बातचीत करने के लिए तेलुगू का इस्तेमाल न करें।"
सारस्वत ने कहा, "नायडू ने पुलिस से उनके हरसुल जेल जाने के लिए एक वातानुकूलित कार की व्यवस्था करने के लिए कहा था। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। जब कोई भी व्यक्ति अदालत में पेश होता है तो वह किसी भी अन्य आरोपी जैसा ही होता है। वहां किसी के प्रति विशेष व्यवहार नहीं किया जा सकता।"
नायडू और उनकी पार्टी के नेताओं को मुंबई से 350 किलोमीटर दूर स्थित औरंगाबाद के हरसूल जेल स्थानांतरित किया गया है। एक मजिस्ट्रेट द्वारा उनकी न्यायिक हिरासत 26 जुलाई तक बढ़ा दिए जाने के बाद ऐसा किया गया। नायडू और नेताओं ने जमानत लेने और आंध्र प्रदेश लौटने की सलाह को ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्हें हरसूल भेजा गया।
ये नेता नांदेड़ जिले के धर्माबाद आईटीआई में तीन दिन गुजार चुके हैं। उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। वे महाराष्ट्र की गोदावरी नदी पर बाबली बांध बनाए जाने की परियोजना के निरीक्षण के लिए जा रहे थे, तभी उनकी गिरफ्तारी हुई।
तेदेपा का आरोप है कि महाराष्ट्र इस बांध का निर्माण गैरकानूनी तरीके से कर रहा है और इसके बनने के बाद आंध्र प्रदेश को गोदावरी नदी के जल का उतना हिस्सा नहीं मिलेगा जितना कि मिलना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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