14 कंपनियों ने अरब-डॉलर का राजस्व प्राप्त किया
सर्वेक्षण के अनुसार हालांकि रुपये के हिसाब से शीर्ष 20 कंपनियों की वृद्धि दर 8.4 फीसदी रही, जो भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब है। वित्त वर्ष 2009 के संयुक्त राजस्व 174,605 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 2010 में इनका संयुक्त राजस्व 180,193 करोड़ रुपये (39.52 अरब अमेरिकी डॉलर) रहा।
24वें वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार शीर्ष 20 आईटी कंपनियों के नतीजे मिले-जुले रहे। इनमें आईटी सेवाएं निर्यात करने वाली और घरेलू आईटी क्षेत्र, दोनों तरह की कंपनियां शामिल हैं। सबसे तेज वृद्धि करने वाली आठ कंपनियों के नतीजे दो अंकों में रहे हैं। इस अवधि के दौरान 14 कंपनियों का राजस्व अरब डॉलर और उससे ज्यादा रहा।
सबसे तेज विकास करने वाली पांच कंपनियों में एसएपी इंडिया (36 फीसदी की वृद्धि से 3,924 करोड़ रुपये), एचसीएल टेक्नोलॉजीज (25 फीसदी की वृद्धि से 10,983 करोड़ रुपये), डेल इंडिया (25 फीसदी की वृद्धि से 5,275 करोड़ रुपये), कॉग्नीजैंट टेक्नोलॉजी सोल्यूशंस (23 फीसदी की वृद्धि से 12,741 करोड़ रुपये) और एमफैसिस (19 फीसदी की वृद्धि से 3,920 करोड़ रुपये) रहीं।
नौ कंपनियों ने इकाई अंक में वृद्धि हासिल की, जिसमें टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस शामिल हैं, जिनकी वृद्धि क्रमश: 3 फीसदी, 5 फीसदी और 5 फीसदी रही।
शीर्ष 20 कंपनियों में तीन हार्डवेयर डिस्ट्रीब्यूटर इंग्रैम माइक्रो, आईटी हार्डवेयर और सोलुशंस फर्म एचसीएल इंफोसिस्टम्स और आईटी सेवा दिग्गज, पटनी कंप्यूटर्स ने नकारात्मक वृद्धि हासिल की। शीर्ष 200 आईटी कंपनियों ने वर्ष में 307,126 करोड़ रुपये का राजस्व या 6.2 फीसदी की वृद्धि हासिल की (2008-09 में 289,093 करोड़ रुपये से)।
एक साल पहले की तुलना में शून्य या नकारात्मक वृद्धि हासिल करने वाली कंपनियों की संख्या 28 से बढ़कर 68 हो गई। डाटाक्वेस्ट की शीर्ष 200 कंपनियों की सूची में हालांकि तेज विकास करने वाली कंपनियों की कमी नहीं है।
माइक्रोएसडी कार्ड्स की बिक्री में इजाफे के पीछे मोबाइल बाजार का योगदान रहा, इससे सैनडिक्स की वृद्धि तीन अंकों तक पहुंची (डीक्यू 2000 में अकेली कंपनी)। दूरस्थ और सरकारी क्षेत्रों में उच्च बिक्री के कारण कंप्यूटर निर्माण की कोलकाता की कंपनी, आरपी इंफोसिस्टंस अपने चिराग ब्रांड कंप्यूटर के साथ दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि हासिल की।
इस अवधि के दौरान सबसे तेज विकास करने वाली कंपनियों में सैनडिस्क (111 फीसदी), इंफोसिस्टम्स (79 फीसदी), ईएमसी इंडिया (78 फीसदी), साई इंफोसिस्टम्स (75 फीसदी) और एजुकैंप (63 फीसदी) रहीं।
शीर्ष 20, शीर्ष 50 कंपनियों के प्रदर्शन में व्यापक भिन्नता पर साइबर मीडिया पब्लिशर के प्रदीप गुप्ता ने कहा, "ये मिले-जुले संकेत एक कठिन बाजार में गैर-जोखिम वाले मॉडल में मजबूती को दिखाते हैं, जहां उद्योग के अलग-अलग वर्ग पिछले दो वर्षो की मंदी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने की कोशिश कर रहे हैं, यद्यपि जहां वे मौजूद हैं वहां वे अवसरों को हथियाने में लगे हैं। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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